Class 11 Hindi Aroh Chapter 11 Important Questions घर की याद
Class 11 Hindi Aroh Chapter 11 introduces students to भवानी प्रसाद मिश्र and his emotional poem घर की याद. The chapter helps CBSE students understand जेल-प्रवास, परिवार से दूरी, सावन, घर की स्मृति and छिपी हुई पीड़ा.
भवानी प्रसाद मिश्र हिंदी के सहज कवि माने जाते हैं। उनकी कविता बोलचाल की भाषा, आत्मीय भाव और मानवीय संवेदना से भरी होती है। Class 11 Hindi Aroh Chapter 11 में उनकी कविता घर की याद पढ़ाई जाती है।
इस कविता में कवि जेल में है और बाहर सावन की बारिश हो रही है। बारिश उसे घर की याद दिलाती है। वह माँ, पिता, भाई-बहन और बहन के मायके आने की कल्पना करता है। Class 11 Hindi Aroh Chapter 11 Important Questions से छात्र कविता के भाव, परिवार-चित्रण, पंक्ति-व्याख्या और कवि की मनःस्थिति को समझ सकते हैं।
Key Takeaways
- भवानी प्रसाद मिश्र: वे सहज भाषा और गांधीवादी दृष्टि के कवि थे।
- घर की याद: कविता में जेल में बंद कवि को वर्षा के समय घर की याद आती है।
- मुख्य भाव: घर से दूरी, परिवार की चिंता, माँ-पिता का प्रेम और कवि की छिपी हुई पीड़ा।
- सावन: कवि सावन से कहता है कि वह परिवार को उसकी असली दुखद स्थिति न बताए।
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Revise the chapter in three parts:
- First 10 minutes: भवानी प्रसाद मिश्र का जीवन, काव्य-शैली and गांधीवादी प्रभाव
- Next 10 minutes: घर की याद कविता, सावन, घर, माँ, पिता and भाई-बहन
- Final 10 minutes: कवि की जेल-स्थिति, परिवार से पीड़ा छिपाना and पंक्ति-व्याख्या
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अति लघु उत्तरीय प्रश्न Class 11 Hindi Aroh Chapter 11 Important Questions
इन प्रश्नों में एक-दो वाक्य में उत्तर लिखें। उत्तर सीधे और तथ्यात्मक रखें।
Q1. घर की याद कविता के कवि कौन हैं?
घर की याद कविता के कवि भवानी प्रसाद मिश्र हैं।
Q2. भवानी प्रसाद मिश्र का जन्म कब और कहाँ हुआ था?
भवानी प्रसाद मिश्र का जन्म सन् 1913 में मध्य प्रदेश के होशंगाबाद जिले के टिगरिया गाँव में हुआ था।
Q3. भवानी प्रसाद मिश्र की प्रमुख रचनाएँ कौन-सी हैं?
उनकी प्रमुख रचनाएँ सतपुड़ा के जंगल, सन्नाटा, गीतफरोश, चकित है दुख, बुनी हुई रस्सी, खुशबू के शिलालेख और अनाम तुम आते हो हैं।
Q4. घर की याद कविता में कवि कहाँ है?
कविता में कवि जेल में है। वह जेल-प्रवास के दौरान अपने घर को याद कर रहा है।
Q5. कवि को घर की याद कब आती है?
कवि को सावन की वर्षा देखकर घर की याद आती है। रात भर पानी गिरने से उसका मन घर की स्मृतियों से भर जाता है।
Q6. कवि के घर में कितने भाई और बहनें हैं?
कवि के घर में चार भाई और चार बहनें हैं। कवि स्वयं पाँचवाँ बेटा है।
Q7. कवि ने घर को कैसा बताया है?
कवि ने घर को खुशियों से भरा बताया है। वह कहता है कि घर उससे दूर है, लेकिन उसकी नजर में तैर रहा है।
Q8. कवि की माँ कैसी है?
कवि की माँ अनपढ़ है, लेकिन स्नेह से भरी है। उसकी गोद में सिर रख देने पर दुख मिट जाता है।
Q9. कवि के पिता की कौन-सी विशेषता बताई गई है?
कवि के पिता पर बुढ़ापा एक क्षण भी नहीं व्यापता। वे अब भी दौड़ सकते हैं, खिलखिला सकते हैं और साहसी हैं।
Q10. कवि सावन से क्या छिपाने को कहता है?
कवि सावन से कहता है कि वह उसके परिवार को उसकी असली दुखद स्थिति न बताए। वह उन्हें धीरज देने को कहता है।
लघु उत्तरीय प्रश्न 2 अंक Class 11 Hindi Aroh Chapter 11 Important Questions
इन प्रश्नों में दो से तीन पंक्तियों में उत्तर लिखें। उत्तर में कविता का मुख्य भाव साफ होना चाहिए।
Q1. पानी के रात भर गिरने और प्राण-मन के घिरने में क्या संबंध है?
रात भर पानी गिरने से कवि का मन घर की यादों से घिर जाता है। बाहर का वर्षा-जल उसके भीतर की भावुकता और उदासी को और बढ़ा देता है।
Q2. कवि ने मायके आई बहन के लिए घर को परिताप का घर क्यों कहा है?
बहन मायके आकर परिवार से मिलकर खुश होती, लेकिन कवि के जेल में होने की बात उसे दुखी कर देती। इसलिए कवि को लगता है कि उसके लिए मायका खुशी का नहीं, परिताप का घर बन गया होगा।
Q3. कवि की माँ की स्नेह-धारा कैसी है?
कवि की माँ की स्नेह-धारा बहुत व्यापक है। उसे लिखना नहीं आता, फिर भी उसका प्रेम कवि तक पहुँचता है। कवि को लगता है कि माँ की गोद दुख दूर कर देती है।
Q4. कवि के पिता किस तरह साहसी हैं?
कवि के पिता मौत के आगे नहीं हिचकते और शेर के आगे नहीं बिचकते। उनके बोल में बादल की गरज और काम में आँधी जैसी गति है। इससे उनका साहसी और सक्रिय व्यक्तित्व सामने आता है।
Q5. पिता कवि को “सोने पर सुहागा” क्यों कहते थे?
कवि के पिता अपने चार पुत्रों को सोने जैसा मानते थे और पाँचवें बेटे, यानी कवि को “सोने पर सुहागा” कहते थे। इससे पिता का कवि के प्रति विशेष प्रेम प्रकट होता है।
Q6. कवि अपने परिवार से अपनी स्थिति क्यों छिपाना चाहता है?
कवि नहीं चाहता कि उसके परिवार वाले उसके कारण और दुखी हों। इसलिए वह सावन से कहता है कि वह उन्हें बताए कि कवि जेल में भी मस्त, व्यस्त और ठीक है।
Q7. “घर नजर में तिर रहा है” का क्या अर्थ है?
इसका अर्थ है कि कवि की आँखों के सामने घर की छवि तैर रही है। वह घर से दूर है, लेकिन स्मृति में घर लगातार उपस्थित है।
Q8. “भुजा भाई, प्यार बहिनें” पंक्ति का भाव स्पष्ट कीजिए।
इस पंक्ति में कवि भाइयों को शक्ति और सहारा मानता है। बहनों को वह प्रेम और स्नेह का रूप मानता है। इससे परिवार की आत्मीयता दिखाई देती है।
लघु उत्तरीय प्रश्न 3 अंक घर की याद Question Answer
इन प्रश्नों में भाव, संदर्भ और कविता की स्थिति को थोड़ा विस्तार से लिखें।
Q1. कवि घर की यादों में कब और क्यों व्याकुल हो जाता है?
कवि जेल में है और बाहर सावन की वर्षा हो रही है। पानी रात भर गिरता रहता है। यह वर्षा उसे घर की याद दिलाती है।
घर की स्मृति में कवि को माँ, पिता, भाई और बहन सब याद आते हैं। वह सोचता है कि घर खुशियों से भरा होगा, लेकिन उसकी अनुपस्थिति से सब दुखी होंगे। इसी कारण वह व्याकुल हो उठता है।
Q2. कवि ने घर को खुशी का पूर क्यों कहा है?
कवि के लिए घर प्रेम, अपनापन और पारिवारिक सुख का केंद्र है। वहाँ भाई-बहन, माँ और पिता सब जुड़े हुए हैं। परिवार का यह मिलन घर को खुशियों से भर देता है।
कवि भले ही जेल में है, पर उसके मन में घर एक ऐसे स्थान के रूप में है जहाँ स्नेह, सुरक्षा और आत्मीयता है। इसलिए वह घर को खुशी का पूर कहता है।
Q3. कवि ने पिता का चित्रण कैसे किया है?
कवि के पिता बूढ़े होने पर भी कमजोर नहीं हैं। वे अभी भी दौड़ सकते हैं, खिलखिला सकते हैं और मृत्यु या संकट से नहीं डरते। उनके व्यक्तित्व में साहस और उत्साह है।
वे गीता का पाठ करते हैं, दंड-बैठक करते हैं और मुगदर भी चलाते हैं। लेकिन वे संवेदनशील भी हैं। कवि की अनुपस्थिति में वे पाँचवें बेटे का नाम लेकर रो पड़ते होंगे।
Q4. माँ पिता को किस प्रकार धीरज देती होगी?
कवि कल्पना करता है कि पिता उसकी याद में रोते होंगे। तब माँ उन्हें समझाती होगी कि आँखों में पानी क्यों है। भवानी वहाँ ठीक है और उसने जो राह चुनी है, वह सही है।
माँ पिता को यह भी समझाती होगी कि बेटे ने पीछे हटकर उसकी कोख को लज्जित नहीं किया। इस प्रकार माँ अपने दुख को दबाकर पिता को धैर्य देती होगी।
Q5. “मैं मजे में हूँ सही है, घर नहीं हूँ बस यही है” पंक्तियों का भाव स्पष्ट कीजिए।
इन पंक्तियों में कवि अपने परिवार को आश्वस्त करना चाहता है। वह कहता है कि वह ठीक है और मजे में है। केवल यही बात है कि वह घर पर नहीं है।
लेकिन अगली पंक्तियों में वह मानता है कि यही “बस” बहुत बड़ा “बस” है। घर से दूर होना ही सब कुछ नीरस बना देता है। यहाँ कवि बाहर से धैर्य और भीतर से गहरा दुख दोनों व्यक्त करता है।
Q6. “किंतु उनसे यह न कहना” में कवि की कौन-सी मनःस्थिति व्यक्त हुई है?
इन पंक्तियों में कवि अपनी असली पीड़ा परिवार से छिपाना चाहता है। वह सावन से कहता है कि वह परिवार को उसके जागने, मौन रहने, भीतर से टूटने या लोगों से दूर होने की बात न बताए।
कवि चाहता है कि परिवार को लगे कि वह जेल में भी पढ़ रहा है, लिख रहा है और काम कर रहा है। इससे उसकी संवेदनशीलता और परिवार के प्रति प्रेम प्रकट होता है।
Q7. अंतिम पंक्तियों में कवि सावन से क्या प्रार्थना करता है?
अंतिम पंक्तियों में कवि सावन से कहता है कि वह बरस ले, पर उसके परिवार वाले न बरसें। यानी सावन चाहे जितना जल बरसाए, लेकिन परिवार की आँखों से आँसू न गिरें।
कवि चाहता है कि सावन उसके परिवार को उसके दुख की सच्चाई न बताए। वह परिवार को धीरज देना चाहता है। इससे उसका त्याग और प्रेम दिखाई देता है।
Q8. घर की याद कविता में सावन की भूमिका क्या है?
सावन कविता में केवल ऋतु नहीं है। वह स्मृति और संदेशवाहक की तरह आता है। वर्षा कवि को घर की याद दिलाती है और वही सावन कवि की कल्पना में परिवार तक संदेश ले जाने वाला बन जाता है।
कवि सावन से बात करता है और उसे सावधान करता है कि वह परिवार से क्या कहे और क्या न कहे। इसलिए सावन कविता में प्रकृति, स्मृति और संवाद का माध्यम है।
दीर्घ उत्तरीय प्रश्न 5 अंक Class 11 Hindi Aroh Poem Chapter 11
इन प्रश्नों में कविता का भाव, परिवार-चित्रण, प्रतीक और कवि की मनःस्थिति को साथ लेकर उत्तर लिखें।
Q1. भवानी प्रसाद मिश्र के जीवन और काव्य-विशेषताओं पर प्रकाश डालिए।
भवानी प्रसाद मिश्र हिंदी के प्रमुख सहज कवि हैं। उनका जन्म सन् 1913 में मध्य प्रदेश के होशंगाबाद जिले के टिगरिया गाँव में हुआ था। वे कविता और साहित्य के साथ राष्ट्रीय आंदोलन से भी जुड़े रहे।
उनकी प्रमुख रचनाओं में सतपुड़ा के जंगल, सन्नाटा, गीतफरोश, चकित है दुख, बुनी हुई रस्सी, खुशबू के शिलालेख, अनाम तुम आते हो और इदं न मम् शामिल हैं। उन्हें साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन का शिखर सम्मान, गालिब पुरस्कार और पद्मश्री जैसे सम्मान मिले।
भवानी प्रसाद मिश्र गांधीवादी विचारधारा से प्रभावित थे। उन्होंने गांधी वाङ्मय के हिंदी खंडों का संपादन किया। उनकी कविता में बोलचाल की सहज लय मिलती है। इसी कारण उन्हें “कविता का गांधी” भी कहा गया।
उनकी कविताएँ सरल भाषा में गहरे अनुभव व्यक्त करती हैं। वे घर, परिवार, प्रकृति, प्रेम, दुख, वृद्धावस्था और मृत्यु जैसे विषयों को आत्मीय ढंग से लिखते हैं। घर की याद कविता इसी सहज और मार्मिक शैली का उदाहरण है।
Q2. घर की याद कविता का केंद्रीय भाव लिखिए।
घर की याद कविता का केंद्रीय भाव घर से दूर पड़े व्यक्ति की पीड़ा है। कवि जेल में है और सावन की वर्षा उसे घर की याद दिलाती है। बाहर पानी गिर रहा है और भीतर उसका मन घर की स्मृतियों से घिर रहा है।
कवि घर को खुशियों से भरा मानता है। उसे माँ, पिता, भाई और बहन सब याद आते हैं। वह सोचता है कि बहन मायके आई होगी और परिवार इकट्ठा हुआ होगा, लेकिन उसकी अनुपस्थिति सबको दुखी कर रही होगी।
कवि अपने पिता की संवेदनशीलता, माँ के धैर्य और परिवार के प्रेम की कल्पना करता है। वह जानता है कि उसके कारण घर में चिंता होगी, पर वह नहीं चाहता कि उसका दुख परिवार तक पहुँचे।
इसलिए वह सावन से कहता है कि वह परिवार को उसकी वास्तविक पीड़ा न बताए। कविता में घर की याद, कारावास की पीड़ा, परिवार-प्रेम और त्याग का सुंदर मेल है।
Q3. घर की याद कविता में परिवार का चित्रण कैसे किया गया है?
कविता में परिवार बहुत आत्मीय और स्नेहपूर्ण रूप में चित्रित हुआ है। कवि कहता है कि घर उससे दूर है, लेकिन वह खुशियों से भरा है। घर में चार भाई, चार बहनें, माँ और पिता सब जुड़े हुए हैं।
कवि भाइयों को भुजा के समान मानता है। इसका अर्थ है कि वे शक्ति, सहारा और आत्मीयता के प्रतीक हैं। बहनें प्रेम और स्नेह का रूप हैं।
माँ अनपढ़ है, पर उसका स्नेह सबसे बड़ा है। कवि कहता है कि माँ की गोद में सिर रख देने पर दुख नहीं रहता। उसे लिखना नहीं आता, पर उसका प्रेम पत्र की तरह कवि तक पहुँचता है।
पिता का चित्रण साहसी और भावुक दोनों रूपों में है। वे वृद्ध होकर भी सक्रिय हैं, लेकिन पाँचवें बेटे की याद में रो पड़ते होंगे। इस तरह कविता में घर परिवार-प्रेम और मानवीय संबंधों का केंद्र बन जाता है।
Q4. घर की याद कविता में पिता के व्यक्तित्व का वर्णन कीजिए।
कवि ने पिता का चित्रण बड़े गर्व और प्रेम से किया है। वे ऐसे व्यक्ति हैं जिन पर बुढ़ापा एक क्षण भी नहीं व्यापता। वे अब भी दौड़ सकते हैं, खिलखिला सकते हैं और साहस से भरे हैं।
कवि कहता है कि पिता मौत के आगे नहीं हिचकते और शेर के आगे नहीं बिचकते। उनके बोल में बादल गरजता है और काम में झंझा लरजती है। यह उनके मजबूत और ऊर्जावान व्यक्तित्व को दिखाता है।
वे गीता का पाठ करते हैं, दंड-बैठक करते हैं और मुगदर चलाते हैं। इससे उनका अनुशासित और कर्मठ स्वभाव प्रकट होता है।
लेकिन वे केवल कठोर या वीर नहीं हैं। वे भीतर से भावुक पिता भी हैं। कवि कल्पना करता है कि वे पाँचवें बेटे का नाम लेकर रो पड़ते होंगे। इसलिए पिता में साहस और स्नेह दोनों हैं।
Q5. कवि अपनी कौन-सी स्थिति और मनःस्थिति परिवार से छिपाना चाहता है?
कवि जेल में है और घर से दूर है। बाहर से वह अपने परिवार को यह दिखाना चाहता है कि वह ठीक है, मस्त है, पढ़ रहा है, लिख रहा है और काम कर रहा है। लेकिन भीतर उसकी स्थिति अलग है।
वह घर की याद से व्याकुल है। सावन की बारिश उसके मन को भर देती है। उसे माँ, पिता, भाई और बहन सब याद आते हैं। वह अपने परिवार की चिंता भी करता है।
कवि नहीं चाहता कि परिवार को पता चले कि वह रात भर जागता है, मौन रहता है, स्वयं को पहचान नहीं पाता और लोगों से दूर भागता है। वह अपनी टूटन और उदासी को छिपाना चाहता है।
इससे कवि का परिवार-प्रेम और त्याग दिखाई देता है। वह स्वयं दुख सहना चाहता है, लेकिन परिवार को दुखी नहीं करना चाहता।
Q6. “बस” शब्द के प्रयोग की विशेषता स्पष्ट कीजिए।
कवि लिखता है, “मैं मजे में हूँ सही है / घर नहीं हूँ बस यही है / किंतु यह बस बड़ा बस है / इसी बस से सब विरस है।” यहाँ “बस” शब्द का प्रयोग बहुत अर्थपूर्ण है।
पहले “बस” का अर्थ है “सिर्फ”। कवि कहता है कि वह ठीक है, केवल घर पर नहीं है। वह अपने दुख को छोटा करके दिखाना चाहता है।
लेकिन तुरंत वह कहता है कि यही “बस” बहुत बड़ा है। घर से दूर होना साधारण बात नहीं है। इसी कारण सब कुछ विरस हो गया है।
इस तरह एक ही शब्द से कवि बाहर की बात और भीतर की पीड़ा दोनों व्यक्त करता है। यह कविता की भाषा की मार्मिक विशेषता है।
Q7. घर की याद कविता में सावन को संदेशवाहक के रूप में कैसे प्रस्तुत किया गया है?
घर की याद कविता में सावन वर्षा का मौसम है, लेकिन वह केवल प्राकृतिक दृश्य नहीं है। जेल में बैठा कवि सावन को देखता है और उससे बात करता है। वह सावन से अपने घर जाने की कल्पना करता है।
कवि सावन से कहता है कि वह परिवार को धीरज दे। उन्हें बताए कि कवि पढ़ रहा है, लिख रहा है, काम कर रहा है और मस्त है। वह उनसे यह न कहे कि कवि दुखी, मौन या बेचैन है।
सावन से कवि की प्रार्थना बहुत मार्मिक है। वह कहता है कि सावन बरस ले, पर उसके परिवार वाले न बरसें। यानी सावन का पानी गिरे, पर परिवार की आँखों से आँसू न गिरें।
इस प्रकार सावन कविता में स्मृति, संवाद और संदेश का माध्यम बन जाता है। वह कवि और परिवार के बीच भावनात्मक पुल का काम करता है।
Q8. घर की याद कविता की भाषा और शैली की विशेषताएँ लिखिए।
घर की याद कविता की भाषा बहुत सहज और बोलचाल के निकट है। भवानी प्रसाद मिश्र कठिन शब्दों के बजाय सीधे, आत्मीय और घरेलू शब्दों से गहरी पीड़ा व्यक्त करते हैं।
कविता में बार-बार “पानी गिर रहा है” और “घर नजर में तिर रहा है” जैसे वाक्य आते हैं। इससे स्मृति और भाव की लय बनती है। भाषा में गीतात्मकता भी है और बातचीत की सहजता भी।
कवि परिवार के सदस्यों को बहुत आत्मीय ढंग से याद करता है। माँ की गोद, पिता की शक्ति, बहन का मायके आना और भाइयों का जुड़ना, सब घरेलू चित्र बनाते हैं।
कविता की शैली संवादात्मक भी है। कवि सावन से बात करता है और उसे बताता है कि परिवार से क्या कहना है और क्या नहीं कहना। यही शैली कविता को अत्यंत मार्मिक बनाती है।
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FAQs (Frequently Asked Questions)
कवि के लिए घर परिवार, प्रेम, माँ की गोद, पिता का साहस और भाई-बहनों के स्नेह का केंद्र है। इसलिए घर केवल मकान नहीं, बल्कि भावनात्मक संसार है।
सावन का मौसम परिवार, मिलन और भावुकता से जुड़ा है। वर्षा देखकर कवि का मन घर की स्मृतियों से भर जाता है। जेल की दूरी इस याद को और गहरा कर देती है।
माँ को लिखना नहीं आता, लेकिन उसका स्नेह बहुत गहरा है। कवि के लिए माँ का प्रेम किसी पत्र से कम नहीं। उसकी गोद दुख मिटाने वाली है।
कवि नहीं चाहता कि उसके कारण परिवार अधिक दुखी हो। वह चाहता है कि परिवार को लगे कि वह जेल में भी ठीक, व्यस्त और मस्त है। यह उसके प्रेम और त्याग का संकेत है।
इस अध्याय से भवानी प्रसाद मिश्र का जीवन, घर की याद का केंद्रीय भाव, माँ-पिता का चित्रण, सावन की भूमिका, “बस” शब्द का प्रयोग and कवि की मनःस्थिति पर प्रश्न आ सकते हैं।