Important Questions Class 9 Hindi Ganga Chapter 2 क्या लिखूँ?
Important Questions Class 9 Hindi Ganga Chapter 2 में पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी के निबंध क्या लिखूँ? से निबंध लेखन, शैली, अनुभव और समाज-सुधार की समझ बनती है। CBSE Class 9 Hindi Ganga 2026-27 में यह पाठ अपठित बोध, व्यावहारिक व्याकरण, पाठ्यपुस्तक और रचनात्मक लेखन के अभ्यास से जुड़ता है।
“मुझे आज लिखना ही पड़ेगा” से शुरू होकर क्या लिखूँ? सीधे लेखक की मेज़ पर बैठा देता है। सामने दो विषय हैं, समय कम है और आदर्श निबंध लिखने का दबाव अलग। बख्शी जी इसी बेचैनी को हास्य, आत्मसंवाद और साहित्यिक उदाहरणों से निबंध की प्रक्रिया में बदल देते हैं। हैट और खूँटी, गार्डिनर, मानटेन, अमीर खुसरो, दूर के ढोल और समाज-सुधार जैसे प्रसंग पाठ को रटना नहीं, समझना सिखाते हैं।
Important Questions Class 9 Hindi Ganga Chapter 2 में लेखन-प्रक्रिया, शैली, लोकोक्ति, अनुभव और सुधार-विचार से जुड़े प्रश्न 2026-27 अभ्यास के लिए महत्त्वपूर्ण रहेंगे।
Key Takeaways
- लेखक की दुविधा: नमिता और अमिता के विषय लेखक को निबंध की रचना-प्रक्रिया पर सोचने के लिए प्रेरित करते हैं।
- निबंध लेखन: पाठ में सामग्री, शैली, रूपरेखा, अनुभव और भाषा की भूमिका पर चर्चा मिलती है।
- दूर का आकर्षण: “दूर के ढोल सुहावने” के माध्यम से दूरी और यथार्थ का अंतर समझाया गया है।
- समाज-सुधार: लेखक बताता है कि समाज में दोष और सुधार लगातार चलते रहते हैं।
Important Questions Class 9 Hindi Chapter 2 Exam Pattern Overview
CBSE Class 9 Hindi परीक्षा 100 अंकों की होती है। इसमें 80 अंकों की वार्षिक लिखित परीक्षा और 20 अंकों का आंतरिक मूल्यांकन शामिल होता है। पास होने के लिए कुल मिलाकर 33% अंक जरूरी होते हैं।
| Section | Marks | Chapter 2 Practice Use |
| Reading Comprehension / अपठित बोध | 14 | निबंध के विचार, तर्क, उदाहरण और भावार्थ समझना |
| Grammar / व्यावहारिक व्याकरण | 16 | समास, उपसर्ग-प्रत्यय, लोकोक्ति, शब्दार्थ और भाव-विस्तार |
| Literature / पाठ्यपुस्तक | 30 | लेखक की शैली, निबंध प्रक्रिया, समाज-सुधार और दूर के ढोल का भाव |
| Creative Writing / रचनात्मक लेखन | 20 | निबंध लेखन, भाव-विस्तार, डायरी लेखन और तर्कपूर्ण लेखन |
Reading Comprehension / अपठित बोध Practice for Important Questions for Class 9 Hindi Ganga Chapter 2
क्या लिखूँ? में पठन अभ्यास लेखक की सोच की दिशा पकड़ने से जुड़ता है। लेखक विषय से शुरू करता है, फिर निबंध की विधा, शैली और अनुभव की ओर बढ़ता है।
गद्यांश अभ्यास: Kya Likhu Class 9
Q1. दिए गए गद्यांश को पढ़कर प्रश्नों के उत्तर लिखिए।
“मुझे आज लिखना ही पड़ेगा। अंग्रेजी के प्रसिद्ध निबंध लेखक ए.जी. गार्डिनर का कथन है कि लिखने की एक विशेष मानसिक स्थिति होती है।”
(क) लेखक को क्या करना पड़ेगा?
लेखक को आज निबंध लिखना पड़ेगा।
वह नमिता और अमिता के लिए आदर्श निबंध लिखने की तैयारी कर रहा है।
(ख) ए.जी. गार्डिनर ने लेखन के बारे में क्या कहा है?
गार्डिनर के अनुसार लिखने की एक विशेष मानसिक स्थिति होती है।
उस समय मन में उमंग, हृदय में स्फूर्ति और मस्तिष्क में आवेग पैदा होता है।
(ग) लेखक को गार्डिनर की बात से कठिनाई क्यों है?
लेखक ने वैसी मानसिक स्थिति का अनुभव नहीं किया है।
उसे निबंध लिखने से पहले सोचना, चिंता करना और परिश्रम करना पड़ता है।
(घ) यह गद्यांश लेखक के स्वभाव की कौन-सी विशेषता दिखाता है?
यह गद्यांश लेखक की आत्मपरक और ईमानदार शैली दिखाता है।
वह अपनी लेखकीय कठिनाई पाठकों से छिपाता नहीं है।
Q2. नमिता और अमिता लेखक से किन विषयों पर निबंध लिखवाना चाहती हैं?
नमिता “दूर के ढोल सुहावने होते हैं” विषय पर निबंध चाहती है।
अमिता “समाज-सुधार” पर निबंध लिखवाना चाहती है। दोनों विषयों के कारण लेखक निबंध लेखन की प्रक्रिया पर विचार करता है।
Q3. लेखक को “दूर के ढोल सुहावने होते हैं” पर निबंध लिखना कठिन क्यों लगता है?
लेखक को लगता है कि यह विषय छोटा है, पर उस पर पाँच पेज लिखना कठिन है।
वह सोचता है कि लोकोक्ति का अर्थ समझाना आसान है, पर उसे विस्तृत निबंध में बदलना मेहनत का काम है।
Q4. लेखक “समाज-सुधार” विषय को कठिन क्यों मानता है?
समाज-सुधार पर चर्चा बहुत पुराने समय से चलती आई है।
इस विषय पर बड़े विद्वानों में भी मतभेद मिलते हैं। इसलिए लेखक सोचता है कि इसे पाँच पेज में समेटना आसान नहीं होगा।
Q5. लेखक निबंधशास्त्र के आचार्यों की राय क्यों जानना चाहता है?
लेखक पहले यह समझना चाहता है कि आदर्श निबंध क्या होता है।
वह सामग्री, शैली और रूपरेखा के नियम समझकर लिखना चाहता है। इससे उसकी तैयारी का तार्किक पक्ष सामने आता है।
Q6. लेखक को रूपरेखा तैयार करने में कठिनाई क्यों होती है?
लेखक निबंध लिखने से पहले उसका सार कुछ शब्दों में तय नहीं कर पाता।
वह मानता है कि लेख पूरा होने के बाद सार निकालना आसान है। पहले से रूपरेखा बनाना उसे स्वाभाविक नहीं लगता।
Grammar / व्यावहारिक व्याकरण Practice from Class 9 Hindi Ganga Chapter 2 important questions
क्या लिखूँ व्याकरण में समास, उपसर्ग-प्रत्यय, लोकोक्ति, शब्दार्थ और भाव-विस्तार प्रमुख अभ्यास बिंदु हैं। पाठ की भाषा साहित्यिक भी है और संवादात्मक भी, इसलिए व्याकरण अभ्यास पाठ से सीधे जुड़ता है।
शब्द, लोकोक्ति और समास: क्या लिखूँ व्याकरण
Q7. “दूर के ढोल सुहावने होते हैं” लोकोक्ति का अर्थ लिखिए।
“दूर के ढोल सुहावने होते हैं” का अर्थ है कि दूर की वस्तु अधिक आकर्षक लगती है।
पास जाने पर उसकी वास्तविक कठिनाई या कमी समझ में आती है।
Q8. “दूर के ढोल सुहावने लोकोक्ति” पाठ में कैसे समझाई गई है?
लेखक बताता है कि ढोल पास बैठे व्यक्ति को कर्कश लग सकता है।
दूर बैठे व्यक्ति को वही ध्वनि मधुर और उत्सवपूर्ण लगती है। इससे दूरी और यथार्थ का अंतर स्पष्ट होता है।
Q9. “निबंधशास्त्र” का समास-विग्रह कीजिए।
“निबंधशास्त्र” का समास-विग्रह है: निबंध का शास्त्र।
यह तत्पुरुष समास का उदाहरण है।
Q10. “समाज-सुधार” का समास-विग्रह कीजिए।
“समाज-सुधार” का समास-विग्रह है: समाज का सुधार।
इसमें समाज और सुधार मिलकर एक सामासिक पद बनाते हैं।
Q11. “दुर्बोध” शब्द में उपसर्ग पहचानिए।
“दुर्बोध” शब्द में “दुर्” उपसर्ग है।
“बोध” मूल शब्द है। “दुर्” जुड़ने से अर्थ कठिन समझ में आने वाला हो जाता है।
Q12. “कठिनाई” शब्द में प्रत्यय पहचानिए।
“कठिनाई” शब्द में “आई” प्रत्यय है।
“कठिन” मूल शब्द है। प्रत्यय लगने पर भाववाचक संज्ञा बनती है।
Q13. “स्फूर्ति” और “आवेग” शब्दों के अर्थ लिखिए।
“स्फूर्ति” का अर्थ है उत्साह या ताजगी।
“आवेग” का अर्थ है तीव्र भाव या भीतर से उठने वाला जोरदार प्रवाह।
Literature / पाठ्यपुस्तक Questions from Important Questions Class 9 Hindi Ganga Chapter 2
क्या लिखूँ? के साहित्य प्रश्न निबंध की रचना-प्रक्रिया, आत्मपरक शैली और लेखक के तर्क पर आधारित हैं। पाठ में हास्य, व्यंग्य और उदाहरणों के सहारे गंभीर बात सरल बनती है।
क्या लिखूँ extract practice
Q14. दिए गए गद्यांश को पढ़कर प्रश्नों के उत्तर लिखिए।
“हैट टाँगने के लिए कोई भी खूँटी काम दे सकती है। उसी तरह अपने मनोभावों को व्यक्त करने के लिए कोई भी विषय उपयुक्त है। असली वस्तु है हैट, खूँटी नहीं।”
(क) यह विचार किस संदर्भ में आया है?
यह विचार निबंध लेखन के संदर्भ में आया है।
लेखक ए.जी. गार्डिनर के विचार की चर्चा कर रहा है।
(ख) “हैट” किसका प्रतीक है?
“हैट” लेखक के मनोभावों का प्रतीक है।
लेखक के अनुसार भाव ही लेखन की असली वस्तु हैं।
(ग) “खूँटी” किसका प्रतीक है?
“खूँटी” विषय का प्रतीक है।
विषय केवल भावों को व्यक्त करने का आधार बनता है।
(घ) इस उदाहरण से क्या समझाया गया है?
इस उदाहरण से समझाया गया है कि भाव विषय से अधिक महत्त्वपूर्ण हैं।
अच्छा लेखक किसी भी विषय में अपने विचार भर सकता है।
Q15. दिए गए गद्यांश को पढ़कर प्रश्नों के उत्तर लिखिए।
“तरुणों के लिए जैसे भविष्य उज्ज्वल होता है, वैसे ही वृद्धों के लिए अतीत। वर्तमान से दोनों को असंतोष होता है।”
(क) तरुणों को क्या आकर्षित करता है?
तरुणों को भविष्य आकर्षित करता है।
वे आने वाले समय में बदलाव और नई संभावना देखते हैं।
(ख) वृद्धों को क्या प्रिय लगता है?
वृद्धों को अतीत प्रिय लगता है।
वे अपने पुराने समय को गौरव और सुख से जोड़ते हैं।
(ग) दोनों वर्तमान से असंतुष्ट क्यों रहते हैं?
तरुण भविष्य को वर्तमान में लाना चाहते हैं।
वृद्ध अतीत को वर्तमान में देखना चाहते हैं। इसलिए दोनों को वर्तमान अधूरा लगता है।
(घ) इस विचार से समाज-सुधार का संबंध कैसे जुड़ता है?
यही असंतोष सुधार की भावना को जन्म देता है।
भविष्य और अतीत के बीच वर्तमान में बदलाव की आवश्यकता महसूस होती है।
क्या लिखूँ सारांश और प्रश्नोत्तर अभ्यास
Q16. क्या लिखूँ? निबंध का मुख्य विषय क्या है?
क्या लिखूँ? का मुख्य विषय निबंध लेखन की प्रक्रिया है।
लेखक दो विषयों पर निबंध लिखने की कठिनाई से शुरुआत करता है। फिर वह सामग्री, शैली, रूपरेखा, अनुभव और आत्मपरक लेखन पर विचार करता है। पाठ निबंध लेखन को बोझ की तरह नहीं, सोचने की प्रक्रिया की तरह प्रस्तुत करता है।
Q17. ए.जी. गार्डिनर और लेखक के विचारों में क्या अंतर है?
गार्डिनर मानते हैं कि लिखने की एक विशेष मानसिक स्थिति होती है।
उस अवस्था में भाव अपने आप उठते हैं और विषय की चिंता नहीं रहती। लेखक इस बात को सही मानते हुए भी अपने अनुभव से अलग पाता है। उसे लिखने के लिए सोचना, परिश्रम करना और तैयारी करनी पड़ती है।
Q18. लेखक को आदर्श निबंध लिखने में कौन-कौन-सी कठिनाइयाँ आती हैं?
लेखक को सबसे पहले विषय चुनने और उसे विस्तार देने की कठिनाई आती है।
फिर वह निबंध की सामग्री, शैली और रूपरेखा पर उलझता है। उसके पास पुस्तकालय, विश्वकोश या तैयारी का समय नहीं है। इसलिए उसे अपने ज्ञान और अनुभव पर भरोसा करना पड़ता है।
Q19. लेखक ने अमीर खुसरो की कहानी का उल्लेख क्यों किया है?
लेखक ने अमीर खुसरो की कहानी एक साथ कई विषयों को साधने के उदाहरण के रूप में दी है।
खुसरो ने खीर, चरखा, कुत्ता और ढोल को एक ही पद्य में जोड़ दिया। लेखक भी दो निबंध-विषयों को एक साथ जोड़ने की युक्ति इसी उदाहरण से लेता है। इससे पाठ में रोचकता और हास्य बढ़ता है।
Q20. मानटेन की निबंध-पद्धति लेखक को क्यों उपयोगी लगती है?
मानटेन की पद्धति अनुभव आधारित और स्वच्छंद है।
इसमें लेखक अपने देखे, सुने और अनुभव किए हुए विचार लिखता है। लेखक को यह पद्धति इसलिए उपयोगी लगती है क्योंकि वह नियमों की कठोरता से मुक्त करती है। इससे निबंध अधिक आत्मीय और जीवंत बनता है।
Q21. लेखक ने छोटे वाक्यों और कठिन भाषा पर क्या व्यंग्य किया है?
लेखक पहले मानता है कि निबंध में छोटे और जुड़े हुए वाक्य होने चाहिए।
फिर वह अपने “मास्टर” होने की बात कहकर विद्वता दिखाने की प्रवृत्ति पर व्यंग्य करता है। वह लंबे, अस्पष्ट और दुर्बोध वाक्यों की बनावटी गंभीरता पर कटाक्ष करता है। इससे पाठ में हास्य पैदा होता है।
Q22. “दूर के ढोल सुहावने होते हैं” का भाव पाठ में कैसे विकसित हुआ है?
लेखक ढोल की ध्वनि के अनुभव से लोकोक्ति का भाव समझाता है।
पास बैठे व्यक्ति को ढोल की आवाज कर्कश लग सकती है। दूर बैठा व्यक्ति उसी ध्वनि से उत्सव, विवाह और आनंद की कल्पना करता है। इससे स्पष्ट होता है कि दूरी कई बार वस्तु को अधिक सुंदर बना देती है।
Q23. लेखक के अनुसार तरुण और वृद्ध वर्तमान से क्यों असंतुष्ट रहते हैं?
तरुण भविष्य को उज्ज्वल मानते हैं और बदलाव चाहते हैं।
वृद्ध अतीत को गौरवपूर्ण मानते हैं और पुरानी स्थिति को याद करते हैं। दोनों अपने-अपने दृष्टिकोण से वर्तमान को अधूरा मानते हैं। यही असंतोष समाज में परिवर्तन और सुधार की चर्चा को जीवित रखता है।
Q24. समाज-सुधार के संबंध में लेखक का विचार क्या है?
लेखक के अनुसार समाज-सुधार की आवश्यकता हर युग में रहती है।
मानव जीवन में नए दोष पैदा होते हैं और उनके लिए नए सुधार सामने आते हैं। जो कभी सुधार था, वह समय बदलने पर दोष भी माना जा सकता है। इसी कारण सुधार की प्रक्रिया कभी रुकती नहीं है।
Q25. क्या लिखूँ? निबंध की शैली कैसी है?
क्या लिखूँ? की शैली आत्मपरक, रोचक और संवादात्मक है।
लेखक पाठकों से सीधे बात करता हुआ चलता है। वह अपनी उलझन, संदेह और विचारों को सहज ढंग से रखता है। इसमें हास्य, व्यंग्य, साहित्यिक संदर्भ और व्यक्तिगत अनुभव मिलकर निबंध को जीवंत बनाते हैं।
क्या लिखूँ लेखक परिचय
Q26. पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी का संक्षिप्त परिचय लिखिए।
पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी हिंदी के प्रसिद्ध निबंधकार, आलोचक, कवि और व्यंग्यकार थे।
उनका जन्म 1894 में खैरागढ़, राजनांदगांव, छत्तीसगढ़ में हुआ था। उनकी प्रमुख रचनाओं में पंच-पात्र, पदम-वन, प्रबंध पारिजात, अश्रुदल और शतदल शामिल हैं। उनके लेखन में समाज-सुधार, लोकजीवन और साहित्यिक विवेचना प्रमुख रूप से मिलती है।
Q27. क्या लिखूँ? में लेखक की आत्मपरक शैली कैसे दिखाई देती है?
इस निबंध में लेखक अपनी ही लेखन-दुविधा को विषय बनाता है।
वह पाठकों को बताता है कि उसे क्या लिखना है, कैसे लिखना है और कहाँ कठिनाई आ रही है। वह नियमों को पढ़ता है, उन पर सोचता है और फिर अपने ढंग से रास्ता निकालता है। यही आत्मीय बातचीत इस निबंध की प्रमुख विशेषता है।
समाज-सुधार निबंध और Class 9 Hindi Ganga Chapter 2 long answer practice
Q28. क्या लिखूँ? निबंध में निबंध लेखन की प्रक्रिया कैसे समझाई गई है?
क्या लिखूँ? में निबंध लेखन को एक सोच-समझकर चलने वाली प्रक्रिया के रूप में दिखाया गया है।
लेखक शुरुआत में दो विषयों के कारण उलझता है। वह पहले निबंध की सामग्री और शैली पर विचार करता है। उसे बताया जाता है कि निबंध छोटा, सुंदर और व्यवस्थित होना चाहिए।
रूपरेखा बनाना भी निबंध लेखन का एक चरण माना गया है। लेखक को यह चरण कठिन लगता है, क्योंकि वह पहले से पूरे विचार को बाँध नहीं पाता। फिर वह मानटेन की अनुभव-आधारित पद्धति की ओर जाता है।
अंत में वह “दूर के ढोल सुहावने” और “समाज-सुधार” दोनों को जोड़ देता है। इससे पता चलता है कि अच्छा निबंध नियमों, अनुभव और रचनात्मकता के संतुलन से बनता है।
Creative Writing / रचनात्मक लेखन Practice from Class 9 Hindi Ganga Chapter 2 important questions
क्या लिखूँ निबंध लेखन के लिए अच्छा अभ्यास-पाठ है। विद्यार्थी इससे विषय चुनना, उदाहरण जोड़ना, भाव-विस्तार करना और व्यक्तिगत अनुभव को तर्क से जोड़ना सीख सकते हैं।
रचनात्मक लेखन अभ्यास: क्या लिखूँ निबंध लेखन
Q29. “दूर के ढोल सुहावने होते हैं” लोकोक्ति पर छोटा अनुच्छेद लिखिए।
“दूर के ढोल सुहावने होते हैं” का अर्थ है कि दूर की चीज़ हमें अधिक आकर्षक लगती है।
जब हम किसी वस्तु, व्यक्ति या स्थिति को दूर से देखते हैं, तो उसकी कठिनाइयाँ दिखाई नहीं देतीं। उदाहरण के लिए, किसी प्रसिद्ध व्यक्ति का जीवन बाहर से बहुत सुखद लगता है, पर उसके पीछे परिश्रम और संघर्ष छिपा होता है। इसी तरह किसी पेशे, शहर या जीवन-शैली को देखकर हम तुरंत प्रभावित हो जाते हैं। पास जाने पर उसकी वास्तविकता समझ में आती है। यह लोकोक्ति हमें बाहरी आकर्षण से पहले सत्य को समझने की सीख देती है।
Q30. “आज के समाज में सुधार की आवश्यकता” विषय पर संक्षिप्त समाज-सुधार निबंध लिखिए।
आज के समाज में सुधार की आवश्यकता कई क्षेत्रों में दिखाई देती है।
शिक्षा, स्वच्छता, समानता, पर्यावरण और डिजिटल व्यवहार जैसे विषय आज भी गंभीर हैं। समाज तभी आगे बढ़ता है जब लोग अपनी आदतों और सोच में परिवर्तन लाते हैं। केवल कानून बना देने से सुधार पूरा नहीं होता। नागरिकों को भी जिम्मेदारी निभानी पड़ती है।
विद्यालयों में नैतिक शिक्षा, परिवार में समानता की भावना और समाज में संवेदनशील व्यवहार सुधार की मजबूत शुरुआत बन सकते हैं। छोटे-छोटे प्रयास मिलकर बड़ा परिवर्तन ला सकते हैं। इसलिए समाज-सुधार केवल नेताओं या संस्थाओं का काम नहीं है। यह हर नागरिक की साझी जिम्मेदारी है।
Useful Links for Class 9 Hindi Ganga
| Section | Useful Links |
| Class 9 Hindi NCERT Solutions | NCERT Solutions for Class 9 Hindi |
| Syllabus | CBSE Class 9 Hindi Syllabus |
| Sample Papers | CBSE Sample Papers for Class 9 Hindi |
FAQs (Frequently Asked Questions)
क्या लिखूँ? में लेखक निबंध लिखने की प्रक्रिया पर विचार करता है। नमिता और अमिता के दो विषय उसे सामग्री, शैली, रूपरेखा और अनुभव की भूमिका समझने की ओर ले जाते हैं। पाठ रोचक ढंग से बताता है कि निबंध विचार और अभिव्यक्ति का संतुलन है।
Important Questions Class 9 Hindi Ganga Chapter 2 में निबंध लेखन, ए.जी. गार्डिनर, मानटेन, अमीर खुसरो, दूर के ढोल सुहावने, समाज-सुधार, समास, उपसर्ग-प्रत्यय और भाव-विस्तार पढ़ना चाहिए। Extract और long answer practice भी जरूरी हैं।
दूर के ढोल सुहावने का अर्थ है कि दूर की वस्तु अधिक अच्छी लगती है। लेखक ढोल की ध्वनि से समझाता है कि दूरी वास्तविक कर्कशता को छिपा देती है और कल्पना उसे मधुर बना देती है।
लेखक निबंध लेखन को विचार, अनुभव, शैली और रचना-क्रम का काम मानता है। वह नियमों को समझता है, पर अनुभव और आत्मीय अभिव्यक्ति को भी महत्त्व देता है।
पाठ में समाज-सुधार को निरंतर चलने वाली प्रक्रिया बताया गया है। लेखक के अनुसार हर युग में नए दोष और नए सुधार आते हैं। इसलिए समाज को समय के साथ अपने विचार और व्यवहार बदलने पड़ते हैं।
