Important Questions Class 9 Hindi Ganga Chapter 4 ऐसी भी बातें होती हैं

Important Questions Class 9 Hindi Ganga Chapter 4 में यतींद्र मिश्र द्वारा लिए गए लता मंगेशकर साक्षात्कार से संगीत, स्वाभिमान, साधना और पारिवारिक संस्कारों की समझ बनती है। CBSE Class 9 Hindi Ganga 2026-27 में यह पाठ अपठित बोध, व्यावहारिक व्याकरण, पाठ्यपुस्तक और रचनात्मक लेखन के अभ्यास से जुड़ता है।

“मेरी आवाज़ ही पहचान है” कहने वाली लता मंगेशकर इस साक्षात्कार में केवल गायिका के रूप में नहीं दिखतीं। वे अपने पिता पंडित दीनानाथ मंगेशकर की सीख, संघर्ष के दिनों, रिकॉर्डिंग की थकान, त्योहारों की स्मृतियों और संगीत की शक्ति पर आत्मीयता से बोलती हैं। यतींद्र मिश्र के प्रश्न उन्हें जीवन, परिवार, परंपरा और कला के बीच ले जाते हैं। 

Important Questions Class 9 Hindi Ganga Chapter 4 में ऐसी भी बातें होती हैं सारांश, लता मंगेशकर व्यक्तित्व, साक्षात्कार-शैली, संगीत-साधना, मुहावरे और दीर्घ उत्तर 2026-27 अभ्यास के लिए उपयोगी रहेंगे।

Key Takeaways

  • लता मंगेशकर: उनका व्यक्तित्व सादगी, स्वाभिमान, परिश्रम, विनम्रता और संगीत-साधना से बनता है।
  • पिता का संस्कार: पंडित दीनानाथ मंगेशकर ने उन्हें आत्मसम्मान, अनुशासन और सही बात पर टिकना सिखाया।
  • साक्षात्कार विधा: पाठ प्रश्नोत्तर, स्मृति, अनुभव, उदाहरण और आत्मीय बातचीत के रूप में आगे बढ़ता है।
  • संगीत की दृष्टि: लता जी संगीत को असीम शक्ति और जीवन से जुड़े अनुभव के रूप में देखती हैं।

Important Questions Class 9 Hindi Chapter 4 Exam Pattern Overview

CBSE Class 9 Hindi परीक्षा 100 अंकों की होती है। इसमें 80 अंकों की वार्षिक लिखित परीक्षा और 20 अंकों का आंतरिक मूल्यांकन शामिल होता है। पास होने के लिए कुल मिलाकर 33% अंक जरूरी होते हैं।

Section Marks Chapter 4 Practice Use
Reading Comprehension / अपठित बोध 14 साक्षात्कार के प्रश्न, उत्तर, स्मृति और भावार्थ समझना
Grammar / व्यावहारिक व्याकरण 16 मुहावरे, कहावत, शब्दार्थ, संकेत भाषा और भाषा-प्रयोग
Literature / पाठ्यपुस्तक 30 लता मंगेशकर व्यक्तित्व, पिता का प्रभाव, संगीत की शक्ति और साक्षात्कार शैली
Creative Writing / रचनात्मक लेखन 20 साक्षात्कार प्रश्न, डायरी लेखन, अनुच्छेद, भावात्मक प्रतिक्रिया और अनुभव लेखन

Reading Comprehension / अपठित बोध Practice for Important Questions for Class 9 Hindi Ganga Chapter 4

ऐसी भी बातें होती हैं में उत्तरों को पढ़ते समय लता जी की स्मृतियों, स्वर और जीवन-दृष्टि को साथ समझना पड़ता है। यह पाठ सीधा कथानक नहीं देता, बल्कि बातचीत से व्यक्तित्व रचता है।

गद्यांश अभ्यास: Aisi Bhi Baatein Hoti Hain Class 9

Class 9 Hindi Ganga Chapter 4 ऐसी भी बातें होती हैं important questions infographic on साक्षात्कार विधा, लता मंगेशकर and संगीत साधना.

Q1. दिए गए गद्यांश को पढ़कर प्रश्नों के उत्तर लिखिए।

“मेरे पिताजी कमाल के आदमी थे, जिन्हें मैंने हमेशा अपने काम और संगीत में डूबा हुआ ही देखा।”

(क) लता जी किसकी बात कर रही हैं?
लता जी अपने पिता पंडित दीनानाथ मंगेशकर की बात कर रही हैं।

वे उनके व्यक्तित्व और संगीत-साधना को याद करती हैं।

(ख) पिताजी की कौन-सी विशेषता बताई गई है?
वे हमेशा अपने काम और संगीत में डूबे रहते थे।

इससे उनके समर्पण और साधना का पता चलता है।

(ग) यह स्मृति लता जी पर क्या प्रभाव दिखाती है?
यह स्मृति बताती है कि लता जी के जीवन में संगीत का संस्कार घर से आया।

उन्होंने अपने पिता से काम के प्रति गंभीरता सीखी।

(घ) इस गद्यांश का भाव क्या है?
इस गद्यांश में सम्मान, कृतज्ञता और आत्मीय स्मरण का भाव है।

लता जी अपने पिता को जीवन की बड़ी प्रेरणा मानती हैं।

Q2. यतींद्र मिश्र साक्षात्कार की शुरुआत किस भाव से करते हैं?

यतींद्र मिश्र लता जी के संगीत-जीवन के प्रति आदर और उत्सुकता से साक्षात्कार शुरू करते हैं।

वे करोड़ों प्रशंसकों की ओर से प्रणाम करते हैं। उनका उद्देश्य लता जी के जीवन की दुर्लभ छवियों को पाठकों तक पहुँचाना है।

Q3. लता जी अपने प्रशंसकों के बारे में क्या कहती हैं?

लता जी अपने प्रशंसकों का आभार व्यक्त करती हैं।

वे मानती हैं कि उन्हें बहुत प्रेम और सम्मान मिला है। उन्हें लगता है कि वे गाकर भी उस प्रेम का पूरा आभार नहीं जता पाईं।

Q4. पंडित दीनानाथ मंगेशकर का अनुशासन कैसा था?

उनका अनुशासन कठोर शब्दों पर आधारित नहीं था।

वे बच्चों को गंभीरता से देखते थे और बच्चे समझ जाते थे कि गलती हुई है। इससे परिवार में सम्मान, डर और स्नेह का संतुलन बनता था।

Q5. लता जी ने अपने पिता से सबसे बड़ी सीख क्या पाई?

लता जी ने अपने पिता से स्वाभिमान के साथ जीना सीखा।

उन्होंने सीखा कि सही बात पर टिकना चाहिए और किसी के आगे झुकना नहीं चाहिए। यह सीख उनके संघर्ष के दिनों में बहुत काम आई।

Q6. लता जी बचपन में फिल्मी दृश्यों की नकल कैसे करती थीं?

लता जी भाई-बहनों के साथ फिल्मों की नकल करती थीं।

वे गद्दों और तकियों से ऊँचा स्वर्ग बनातीं और उस पर बैठकर संत तुकाराम का गीत गातीं। बाकी बच्चे भक्त बनकर उनसे साथ ले चलने की विनती करते थे।

Grammar / व्यावहारिक व्याकरण Practice from Class 9 Hindi Ganga Chapter 4 important questions

ऐसी भी बातें होती हैं व्याकरण में मुहावरे, कहावत, संकेत, भाषाई विविधता और संगीत से जुड़े शब्दों का अभ्यास मिलता है। साक्षात्कार की बोली हुई शैली भाषा को स्वाभाविक और जीवंत बनाती है।

मुहावरे, कहावत और भाषा: ऐसी भी बातें होती हैं व्याकरण

Q7. “हाथ पसारना” मुहावरे का अर्थ लिखिए।

“हाथ पसारना” का अर्थ है किसी से माँगना या याचना करना।

लता जी कहती हैं कि उनके परिवार ने स्वाभिमान से जीना सीखा, किसी के आगे हाथ नहीं पसारा।

Q8. “हाथ से निकल जाना” मुहावरे का अर्थ लिखिए।

“हाथ से निकल जाना” का अर्थ है नियंत्रण या अवसर खो देना।

वाक्य: समय हाथ से निकल जाने पर तैयारी कठिन हो गई।

Q9. “मेरी आवाज़ ही पहचान है” वाक्य का भाव लिखिए।

इस वाक्य का भाव है कि लता जी की आवाज़ ही उनकी सबसे बड़ी पहचान बनी।

उनकी गायिकी ने उन्हें भारत और विश्व में सम्मान दिलाया।

Q10. “गाव गेला वाहुन, नाव गेला राहुन” कहावत का अर्थ लिखिए।

इस मराठी कहावत का अर्थ है कि गाँव बह जाता है, पर नाम रह जाता है।

भाव यह है कि शरीर और परिस्थितियाँ नश्वर हैं, पर अच्छे कर्म और नाम बने रहते हैं।

Q11. “संगीत” शब्द से जुड़े दो शब्द लिखिए और उनके अर्थ बताइए।

“राग” भारतीय शास्त्रीय संगीत की स्वर-रचना है।

“सुर” संगीत का मधुर और ठीक स्वर है। दोनों शब्द पाठ के संगीत-संदर्भ से जुड़े हैं।

Q12. संकेत भाषा या हाव-भाव से समझाने का उदाहरण पाठ से लिखिए।

लता जी के पिता बच्चों को केवल गंभीरता से देखते थे।

बच्चे बिना डाँट के समझ जाते थे कि उन्हें क्यों बुलाया गया है। यह संकेत से समझाने का उदाहरण है।

Q13. “स्वाभिमान” शब्द का अर्थ लिखिए और वाक्य बनाइए।

“स्वाभिमान” का अर्थ है आत्मसम्मान।

वाक्य: लता जी ने कठिन समय में भी स्वाभिमान के साथ जीवन जिया।

Literature / पाठ्यपुस्तक Questions from Important Questions Class 9 Hindi Ganga Chapter 4

इस पाठ के साहित्य प्रश्न साक्षात्कार की विधा और लता जी के जीवन-मूल्यों पर आधारित हैं। उत्तरों में घटना, स्मृति और व्यक्तित्व-विशेषता को साथ रखना जरूरी है।

ऐसी भी बातें होती हैं extract practice

Q14. दिए गए गद्यांश को पढ़कर प्रश्नों के उत्तर लिखिए।

“अगर कोई बात तुम्हें सही लगती है, तो उसे करो और किसी के आगे झुकने की जरूरत नहीं है।”

(क) यह सीख किससे जुड़ी है?
यह सीख लता जी के पिता पंडित दीनानाथ मंगेशकर से जुड़ी है।

लता जी इसे अपने जीवन की महत्त्वपूर्ण प्रेरणा मानती हैं।

(ख) इस कथन में कौन-सा जीवन-मूल्य है?
इस कथन में स्वाभिमान और दृढ़ता का मूल्य है।

यह सही बात पर खड़े रहने की प्रेरणा देता है।

(ग) यह सीख लता जी के किस काम आई?
यह सीख उनके संघर्ष और पारिवारिक जिम्मेदारी के समय काम आई।

उन्होंने कठिन परिस्थितियों में भी आत्मसम्मान नहीं छोड़ा।

(घ) यह पंक्ति विद्यार्थियों के लिए कैसे उपयोगी है?
यह पंक्ति विद्यार्थियों को सही निर्णय पर टिकने की सीख देती है।

कठिन समय में भी आत्मसम्मान बनाए रखना जरूरी है।

Q15. दिए गए गद्यांश को पढ़कर प्रश्नों के उत्तर लिखिए।

“मेरा गाना अमर है, पर शरीर तो अमर नहीं। उसे तो जाना ही है।”

(क) यह कथन किसने कहा?
यह कथन लता मंगेशकर ने कहा।

वे जीवन और कला के स्थायी मूल्य पर बात कर रही हैं।

(ख) “गाना अमर है” का क्या अर्थ है?
इसका अर्थ है कि कलाकार की कला उसके बाद भी जीवित रहती है।

लता जी मानती हैं कि शरीर नश्वर है, पर संगीत लोगों के मन में रहता है।

(ग) इस कथन में कौन-सा भाव है?
इसमें दार्शनिकता और विनम्रता का भाव है।

लता जी प्रसिद्धि के बाद भी जीवन की सच्चाई समझती हैं।

(घ) यह कथन “नाम रह जाता है” से कैसे जुड़ता है?
दोनों विचार बताते हैं कि कर्म और कला मनुष्य के बाद भी याद रहते हैं।

लता जी के लिए संगीत ही उनका स्थायी नाम है।

ऐसी भी बातें होती हैं सारांश और प्रश्नोत्तर अभ्यास

Q16. ऐसी भी बातें होती हैं पाठ का मुख्य विषय क्या है?

ऐसी भी बातें होती हैं एक साक्षात्कार है, जिसमें यतींद्र मिश्र लता मंगेशकर से उनके जीवन और संगीत पर बातचीत करते हैं।

लता जी अपने पिता, बचपन, संघर्ष, रिकॉर्डिंग, त्योहार, कोरस गायिकाओं, संगीत की शक्ति और अमरता पर बात करती हैं। पाठ से उनका सरल, स्वाभिमानी, परिश्रमी और विनम्र व्यक्तित्व सामने आता है।

Q17. लता जी पर उनके पिता का क्या प्रभाव पड़ा?

लता जी पर पंडित दीनानाथ मंगेशकर का गहरा प्रभाव पड़ा।

उन्होंने उनसे संगीत, अनुशासन, स्वाभिमान और सही बात पर टिकना सीखा। पिता के निधन के बाद परिवार की जिम्मेदारी निभाते समय ये संस्कार उनके काम आए। वे अपने पिता का नाम आगे बढ़ाने को अपना सौभाग्य मानती हैं।

Q18. पिताजी के निधन के बाद लता जी ने परिवार के प्रति क्या जिम्मेदारी निभाई?

पिताजी के निधन के बाद लता जी ने परिवार की आर्थिक और भावनात्मक जिम्मेदारी सँभाली।

वे कम उम्र से ही काम करने लगीं। रिकॉर्डिंग के लिए एक स्टूडियो से दूसरे स्टूडियो तक भागना उनका दैनिक जीवन बन गया। उनका लक्ष्य परिवार की जरूरतों को पूरा करना था।

Q19. लता जी अभिनय को पसंद क्यों नहीं करती थीं?

लता जी ने शुरुआत में कुछ फिल्मों में अभिनय किया था, पर उन्हें यह काम अच्छा नहीं लगा।

मेकअप करना, रोशनी के सामने खड़े होना और लोगों के सामने हँसना-रोना उन्हें सहज नहीं लगा। वे गाने को अपनी असली साधना मानती थीं। इसलिए उन्होंने अभिनय की जगह गायन को चुना।

Q20. पुराने और नए संगीतकारों पर लता जी का विचार क्या है?

लता जी पुराने और नए दोनों संगीतकारों का सम्मान करती हैं।

वे मानती हैं कि पुराने दौर में तकनीक सीमित थी, फिर भी संगीतकार अद्भुत प्रभाव रचते थे। आज की विकसित तकनीक से संगीत की संभावनाएँ बढ़ी हैं। उनका विचार संतुलित है, जिसमें परंपरा और आधुनिकता दोनों के लिए सम्मान है।

Q21. “आएगा आने वाला” गीत की रिकॉर्डिंग से पुराने दौर की तकनीक के बारे में क्या पता चलता है?

इस गीत की रिकॉर्डिंग से पता चलता है कि उस समय तकनीक सीमित थी।

लता जी को हॉल में दूर से दबे पाँव चलते हुए माइक तक आना पड़ता था। इसी से आवाज़ का उतार-चढ़ाव रिकॉर्ड होता था। यह मेहनत और रचनात्मक प्रयोग पुराने संगीतकारों की विशेषता दिखाते हैं।

Q22. होली और त्योहारों के बारे में लता जी की स्मृतियाँ कैसी हैं?

लता जी की त्योहार-स्मृतियाँ पारिवारिक और सांस्कृतिक हैं।

वे बताती हैं कि उनके घर में होली आज जैसी रंगों वाली नहीं मनती थी। रंग-पंचमी पर माता-पिता केसर छिड़कते थे और घर में प्रसाद बनता था। गुढ़ी पड़वा और नवरात्रि उनके घर में विशेष महत्त्व रखते थे।

Q23. कोरस गायिकाओं के साथ लता जी के संबंध कैसे थे?

कोरस गायिकाओं के साथ लता जी के संबंध आत्मीय थे।

वे उन्हें घर जैसा मानती थीं। रिकॉर्डिंग के समय जब कुर्सियाँ कम होती थीं, तो लता जी भी उनके साथ जमीन पर बैठ जाती थीं। यह प्रसंग उनकी सरलता और सहयोगियों के प्रति सम्मान दिखाता है।

Q24. लता जी संगीत की शक्ति को कैसे समझती हैं?

लता जी संगीत में असीम शक्ति मानती हैं।

वे तानसेन और स्वामी हरिदास की कथाओं को आदर से देखती हैं, पर निश्चित दावा नहीं करतीं। उस्‍ताद अली अकबर खाँ के सरोद का तार टूटने वाला प्रसंग उन्हें संगीत की गहराई का अनुभव कराता है। उनके लिए सच्चा सुर आत्मा को छू सकता है।

Q25. “मेरा गाना अमर है, पर शरीर तो अमर नहीं” से लता जी की कौन-सी दृष्टि सामने आती है?

इस कथन से लता जी की दार्शनिक और विनम्र दृष्टि सामने आती है।

वे जानती हैं कि शरीर नश्वर है, पर कला लंबे समय तक जीवित रहती है। प्रसिद्धि के बावजूद वे अहंकार नहीं करतीं। वे अपने संगीत को ईश्वर की कृपा और श्रोताओं के प्रेम से जोड़ती हैं।

ऐसी भी बातें होती हैं लेखक परिचय

Q26. यतींद्र मिश्र का संक्षिप्त परिचय लिखिए।

यतींद्र मिश्र हिंदी के कवि, लेखक, संपादक और संगीत-संस्कृति के गंभीर अध्येता हैं।

उनका जन्म 1977 में अयोध्या, उत्तर प्रदेश में हुआ। उन्होंने कविता, संगीत और ललित कलाओं पर महत्त्वपूर्ण कार्य किया है। उनकी रचनाओं में यदा-कदा, अयोध्या तथा अन्य कविताएँ, ड्योढ़ी पर आलाप और गिरिजा जैसी कृतियाँ शामिल हैं।

Q27. ऐसी भी बातें होती हैं में साक्षात्कार विधा की कौन-सी विशेषताएँ मिलती हैं?

इस पाठ में साक्षात्कार विधा की कई प्रमुख विशेषताएँ मिलती हैं।

इसमें प्रश्न पूछने वाले यतींद्र मिश्र हैं और उत्तर देने वाली लता मंगेशकर हैं। बातचीत आत्मीय है, इसलिए उत्तर केवल तथ्य नहीं देते, बल्कि स्मृतियाँ, भाव, अनुभव और विचार भी सामने लाते हैं। साक्षात्कार में परिचय, प्रश्नोत्तर, उदाहरण, संस्मरण और समापन सभी मिलते हैं।

लता मंगेशकर साक्षात्कार और Class 9 Hindi Ganga Chapter 4 long answer practice

Q28. ऐसी भी बातें होती हैं साक्षात्कार से लता मंगेशकर का व्यक्तित्व कैसे उभरता है?

ऐसी भी बातें होती हैं साक्षात्कार से लता मंगेशकर का व्यक्तित्व बहुआयामी रूप में सामने आता है।

वे अपने पिता के संस्कारों को जीवन की बड़ी पूँजी मानती हैं। स्वाभिमान, अनुशासन और सही बात पर खड़े रहने की सीख उनके जीवन में दिखाई देती है। पिता के निधन के बाद उन्होंने परिवार की जिम्मेदारी निभाई और कठिन परिस्थितियों में लगातार काम किया।

उनकी सादगी कोरस गायिकाओं के साथ उनके व्यवहार से दिखाई देती है। वे प्रसिद्धि के बाद भी सहयोगियों से आत्मीयता रखती हैं। त्योहारों की स्मृतियाँ उनके पारिवारिक और सांस्कृतिक जुड़ाव को दिखाती हैं।

संगीत पर उनके विचार गहरे और विनम्र हैं। वे संगीत की शक्ति को मानती हैं, पर चमत्कारों पर अंधविश्वासी दावा नहीं करतीं। अंत में वे कहती हैं कि शरीर अमर नहीं, पर गाना अमर है। इससे उनकी दार्शनिकता, कृतज्ञता और विनम्रता स्पष्ट होती है।

Creative Writing / रचनात्मक लेखन Practice from Class 9 Hindi Ganga Chapter 4 important questions

यह पाठ रचनात्मक लेखन में साक्षात्कार, डायरी, अनुच्छेद और भावात्मक प्रतिक्रिया के लिए अच्छा आधार देता है। विद्यार्थी लता जी के संघर्ष, संगीत-साधना, त्योहार-स्मृति और “नाम रह जाता है” जैसे विचारों पर लिख सकते हैं।

रचनात्मक लेखन अभ्यास: Aisi Bhi Baatein Hoti Hain Class 9

Q29. कल्पना कीजिए कि आप लता मंगेशकर से एक साक्षात्कार ले रहे हैं। तीन प्रश्न लिखिए।

  1. दीदी, बचपन में संगीत सीखते समय कौन-सी बात आपको सबसे अधिक प्रेरित करती थी?
  2. जब आपने परिवार की जिम्मेदारी सँभाली, तब संगीत आपके लिए सहारा था या कर्तव्य?
  3. आज के युवा गायकों को आप सुर, मेहनत और विनम्रता के बारे में क्या सलाह देंगी?

ये प्रश्न लता जी के संघर्ष, संगीत-साधना और जीवन-मूल्यों को समझने में मदद करेंगे।

Q30. “संगीत की शक्ति” विषय पर छोटा अनुच्छेद लिखिए।

संगीत की शक्ति मनुष्य के मन को बदलने की क्षमता में छिपी है।

एक अच्छा गीत दुखी मन को सहारा दे सकता है और थके हुए मन में ऊर्जा भर सकता है। लता मंगेशकर के गीत इसी कारण पीढ़ियों तक सुने जाते हैं। उनकी आवाज़ केवल मनोरंजन नहीं देती, बल्कि भाव, शांति और स्मृति जगाती है।

पाठ में लता जी बताती हैं कि सच्चे सुर का प्रभाव गहरा होता है। उस्‍ताद अली अकबर खाँ के सरोद का तार टूटने वाला प्रसंग संगीत की तीव्रता को दिखाता है। इसलिए संगीत केवल कला नहीं, आत्मा को छूने वाली साधना भी है।

Useful Links for Class 9 Hindi Ganga

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Class 9 Hindi NCERT Solutions NCERT Solutions for Class 9 Hindi
Syllabus CBSE Class 9 Hindi Syllabus
Sample Papers CBSE Sample Papers for Class 9 Hindi

FAQs (Frequently Asked Questions)

ऐसी भी बातें होती हैं सारांश यह है कि यतींद्र मिश्र लता मंगेशकर से उनके जीवन, पिता, संघर्ष, संगीत, त्योहारों और कला की अमरता पर बातचीत करते हैं। साक्षात्कार से लता जी का विनम्र, स्वाभिमानी और साधनापूर्ण व्यक्तित्व उभरता है।

Important Questions Class 9 Hindi Ganga Chapter 4 में लता मंगेशकर साक्षात्कार, पिता का प्रभाव, संगीत की शक्ति, ऐसी भी बातें होती हैं extract practice, ऐसी भी बातें होती हैं लेखक परिचय, ऐसी भी बातें होती हैं व्याकरण और long answer practice पढ़ना चाहिए।

लता मंगेशकर व्यक्तित्व में सादगी, स्वाभिमान, कृतज्ञता, अनुशासन, परिश्रम और विनम्रता प्रमुख हैं। वे प्रसिद्धि के बाद भी अपने पिता, परिवार, सहयोगियों और श्रोताओं के प्रति आदर रखती हैं।

ऐसी भी बातें होती हैं साक्षात्कार विधा का पाठ है। इसमें यतींद्र मिश्र प्रश्न पूछते हैं और लता मंगेशकर अपने जीवन, संगीत और अनुभवों पर उत्तर देती हैं।

ऐसी भी बातें होती हैं का मुख्य संदेश है कि कला साधना, स्वाभिमान और जिम्मेदारी से बनती है। पाठ बताता है कि सच्ची सफलता में परिवार के संस्कार, कठिन परिश्रम और विनम्रता की बड़ी भूमिका होती है।