Important Questions Class 9 Hindi Ganga Chapter 6 रीढ़ की हड्डी
Important Questions Class 9 Hindi Ganga Chapter 6 में जगदीशचंद्र माथुर की एकांकी रीढ़ की हड्डी से स्त्री शिक्षा, आत्मसम्मान, विवाह-व्यवस्था और सामाजिक रूढ़ियों को समझा जाता है।
CBSE Class 9 Hindi Ganga 2026-27 में यह पाठ अपठित बोध, व्यावहारिक व्याकरण, पाठ्यपुस्तक और रचनात्मक लेखन के अभ्यास से जुड़ता है।
एक मामूली-सा कमरा, जल्दी-जल्दी सजता तख्त, मक्खन की चिंता, पान की तश्तरी और लड़की देखने आए पिता-पुत्र, रीढ़ की हड्डी का व्यंग्य यहीं से खुलता है। बाहर से यह विवाह की बातचीत लगती है, पर भीतर लड़की को वस्तु समझने वाली सोच, कम पढ़ी-लिखी बहू की माँग और दिखावे वाली आधुनिकता सामने आती है। उमा चुप बैठी “देखी” जाने वाली लड़की नहीं रहती; वह बोलती है और पूरी व्यवस्था से सवाल करती है।
Important Questions Class 9 Hindi Ganga Chapter 6 में एकांकी की संवाद-शैली, उमा का प्रतिरोध, स्त्री शिक्षा, शीर्षक और सामाजिक व्यंग्य से जुड़े प्रश्न महत्त्वपूर्ण रहेंगे।
Key Takeaways
- उमा: पढ़ी-लिखी, स्वाभिमानी और निर्भीक युवती है, जो अपने अपमान पर चुप नहीं रहती।
- रीढ़ की हड्डी: शीर्षक आत्मसम्मान, नैतिक साहस और चरित्र की दृढ़ता का प्रतीक है।
- विवाह-व्यवस्था: एकांकी लड़की देखने की परंपरा और लेन-देन वाली सोच पर व्यंग्य करती है।
- संवाद-शैली: पात्रों की बोलचाल से उनका स्वभाव, रूढ़ियाँ और सामाजिक दोहरापन सामने आता है।
Important Questions Class 9 Hindi Chapter 6 Exam Pattern Overview
CBSE Class 9 Hindi परीक्षा 100 अंकों की होती है। इसमें 80 अंकों की वार्षिक लिखित परीक्षा और 20 अंकों का आंतरिक मूल्यांकन शामिल होता है। पास होने के लिए कुल मिलाकर 33% अंक जरूरी होते हैं।
| Section | Marks | Chapter 6 Practice Use |
| Reading Comprehension / अपठित बोध | 14 | संवाद, रंग-निर्देश, पात्रों की मानसिकता और व्यंग्य समझना |
| Grammar / व्यावहारिक व्याकरण | 16 | मुहावरे, कहावत, शब्दार्थ, संवाद-प्रयोग और टिप्पणी लेखन |
| Literature / पाठ्यपुस्तक | 30 | उमा, रामस्वरूप, गोपालप्रसाद, शंकर, स्त्री शिक्षा और शीर्षक |
| Creative Writing / रचनात्मक लेखन | 20 | संवाद लेखन, लाइव रिपोर्ट, टिप्पणी, साक्षात्कार और एकांकी विस्तार |
Reading Comprehension / अपठित बोध Practice for Important Questions for Class 9 Hindi Ganga Chapter 6
रीढ़ की हड्डी में पठन अभ्यास केवल संवाद पढ़ने से पूरा नहीं होता। किसने क्या कहा, किस स्वर में कहा और मंच पर क्या हो रहा है, यह समझना भी जरूरी है।
गद्यांश अभ्यास: Reedh Ki Haddi Class 9
Q1. दिए गए गद्यांश को पढ़कर प्रश्नों के उत्तर लिखिए।
“उमा: जब कुर्सी-मेज बिकती है तब दुकानदार कुर्सी-मेज से कुछ नहीं पूछता, सिर्फ खरीदार को दिखला देता है।”
(क) यह संवाद किसने कहा है?
यह संवाद उमा ने कहा है।
वह लड़की देखने आए लोगों के व्यवहार पर तीखा उत्तर देती है।
(ख) उमा ने कुर्सी-मेज का उदाहरण क्यों दिया?
उमा ने यह उदाहरण इसलिए दिया क्योंकि उसे वस्तु की तरह देखा जा रहा था।
उससे सवाल पूछे जा रहे थे, पर उसके मन और सम्मान की परवाह नहीं थी।
(ग) यह संवाद किस सामाजिक सोच पर चोट करता है?
यह संवाद विवाह में लड़की को वस्तु समझने वाली सोच पर चोट करता है।
उमा इस व्यवहार को अपमानजनक मानती है।
(घ) इस संवाद से उमा का कौन-सा गुण सामने आता है?
इस संवाद से उमा का आत्मसम्मान और साहस सामने आता है।
वह अन्यायपूर्ण व्यवहार को चुपचाप स्वीकार नहीं करती।
Q2. रामस्वरूप घर में तख्त, दरी और चादर की व्यवस्था क्यों कर रहे थे?
रामस्वरूप लड़की देखने आए मेहमानों के स्वागत की तैयारी कर रहे थे।
वे कमरे को ठीक-ठाक दिखाना चाहते थे। उनके व्यवहार से सामाजिक दिखावा और विवाह-बातचीत का दबाव स्पष्ट होता है।
Q3. प्रेमा उमा की पढ़ाई को लेकर क्या सोचती है?
प्रेमा उमा की अधिक पढ़ाई को समस्या मानती है।
वह पुराने समय की कम पढ़ाई को बेहतर समझती है। उसके विचारों से उस समय स्त्री शिक्षा के प्रति रूढ़िवादी सोच सामने आती है।
Q4. रामस्वरूप गोपालप्रसाद से उमा की पढ़ाई क्यों छिपाना चाहते हैं?
रामस्वरूप जानते हैं कि गोपालप्रसाद को अधिक पढ़ी-लिखी लड़की पसंद नहीं है।
इसलिए वे उमा की बी.ए. शिक्षा छिपाकर उसे कम पढ़ी हुई दिखाना चाहते हैं। इससे उनका सामाजिक दबाव और अंदरूनी डर दिखता है।
Q5. गोपालप्रसाद “बिजनेस” शब्द का प्रयोग किस अर्थ में करते हैं?
गोपालप्रसाद “बिजनेस” शब्द का प्रयोग विवाह की बातचीत के लिए करते हैं।
इससे स्पष्ट होता है कि वे विवाह को संवेदनशील संबंध नहीं, लेन-देन और सौदे की तरह देखते हैं।
Q6. शंकर की झुकी हुई कमर और “बैकबोन” पर टिप्पणी का संबंध क्या है?
शंकर की झुकी हुई कमर बाहरी संकेत है, पर “बैकबोन” नैतिक साहस का प्रतीक बनती है।
उमा शारीरिक रीढ़ की बात नहीं करती। वह शंकर के चरित्र, साहस और आत्मसम्मान की कमी पर व्यंग्य करती है।
Grammar / व्यावहारिक व्याकरण Practice from Class 9 Hindi Ganga Chapter 6 important questions
रीढ़ की हड्डी व्याकरण में मुहावरे, कहावत, संवाद और रंग-निर्देश बहुत उपयोगी हैं। पात्रों की भाषा से ही हास्य, व्यंग्य और सामाजिक आलोचना बनती है।
मुहावरे, कहावत और संवाद: रीढ़ की हड्डी व्याकरण
Q7. “भीगी बिल्ली की तरह” मुहावरे का अर्थ लिखिए।
“भीगी बिल्ली की तरह” का अर्थ है डरा-सहमा या दबा हुआ।
एकांकी में रतन खाली हाथ लौटते समय भीगी बिल्ली की तरह आता है।
Q8. “मुँह फुलाए रहना” मुहावरे का अर्थ लिखिए।
“मुँह फुलाए रहना” का अर्थ है नाराज़ होकर चुप रहना।
प्रेमा कहती है कि उमा मुँह फुलाए पड़ी है।
Q9. “सिर चढ़ाना” मुहावरे का अर्थ लिखिए और वाक्य बनाइए।
“सिर चढ़ाना” का अर्थ है अत्यधिक छूट देना।
वाक्य: बच्चों को जरूरत से ज्यादा सिर चढ़ाने से वे जिद्दी हो सकते हैं।
Q10. “काँटों में घसीटना” मुहावरे का अर्थ लिखिए।
“काँटों में घसीटना” का अर्थ है कठिन या असहज स्थिति में डालना।
रामस्वरूप यह वाक्य औपचारिक विनम्रता के रूप में कहते हैं।
Q11. “मुँह छिपाकर भागना” मुहावरे का अर्थ लिखिए।
“मुँह छिपाकर भागना” का अर्थ है शर्मिंदा होकर भाग जाना।
उमा यह बात शंकर के बारे में कहती है, जब वह लड़कियों के हॉस्टल के पास पकड़ा गया था।
Q12. “बाप सेर है तो लड़का सवा सेर” कहावत का अर्थ लिखिए।
इस कहावत का अर्थ है कि बेटा पिता से भी आगे निकल जाए।
एकांकी में इसका प्रयोग गोपालप्रसाद और शंकर की नकारात्मक प्रवृत्ति दिखाने के लिए किया गया है।
Q13. “फितरती” शब्द का अर्थ लिखिए।
“फितरती” का अर्थ है चालबाज या प्रकृति से चतुराई करने वाला।
गोपालप्रसाद के व्यवहार में फितरत और सामाजिक चतुराई दिखाई देती है।
Literature / पाठ्यपुस्तक Questions from Important Questions Class 9 Hindi Ganga Chapter 6
इस एकांकी के साहित्य प्रश्न पात्रों के संवाद, मंच-स्थिति और व्यंग्य से बनते हैं। उत्तरों में उमा की आवाज़, गोपालप्रसाद की रूढ़ि और रामस्वरूप की दोहरी मानसिकता को साथ समझना होगा।
रीढ़ की हड्डी extract practice
Q14. दिए गए गद्यांश को पढ़कर प्रश्नों के उत्तर लिखिए।
“जी हाँ, मैं कॉलेज में पढ़ी हूँ। मैंने बी.ए. पास किया है। कोई पाप नहीं किया, कोई चोरी नहीं की।”
(क) यह संवाद किसने कहा है?
यह संवाद उमा ने कहा है।
वह अपनी शिक्षा छिपाए जाने पर खुलकर बोलती है।
(ख) उमा “कोई पाप नहीं किया” क्यों कहती है?
वह बताना चाहती है कि पढ़ना अपराध नहीं है।
बी.ए. पास करना उसके लिए गर्व और आत्मबल की बात है।
(ग) यह संवाद किस विषय से जुड़ा है?
यह संवाद स्त्री शिक्षा से जुड़ा है।
उमा शिक्षा को आत्मसम्मान और स्वतंत्र विचार का आधार मानती है।
(घ) इस संवाद से समाज की कौन-सी समस्या सामने आती है?
इससे पता चलता है कि उस समय अधिक पढ़ी-लिखी लड़की को विवाह में समस्या समझा जाता था।
लेखक इसी रूढ़िवादी सोच पर प्रहार करते हैं।
Q15. दिए गए गद्यांश को पढ़कर प्रश्नों के उत्तर लिखिए।
“घर जाकर ज़रा यह पता लगाइएगा कि आपके लाडले बेटे के रीढ़ की हड्डी भी है या नहीं, यानी बैकबोन, बैकबोन!”
(क) यह बात किसने कही?
यह बात उमा ने गोपालप्रसाद से कही।
वह शंकर की नैतिक कमजोरी पर व्यंग्य करती है।
(ख) “रीढ़ की हड्डी” यहाँ किसका प्रतीक है?
यहाँ “रीढ़ की हड्डी” आत्मसम्मान, नैतिक साहस और चरित्र की दृढ़ता का प्रतीक है।
यह शारीरिक अंग से अधिक मानवीय मूल्य को व्यक्त करता है।
(ग) उमा शंकर पर क्यों टिप्पणी करती है?
उमा जानती है कि शंकर लड़कियों के हॉस्टल के आसपास गलत तरीके से घूमता था।
वह उसकी कायरता और दोहरे चरित्र को सामने लाती है।
(घ) यह संवाद एकांकी के शीर्षक को कैसे सार्थक बनाता है?
यह संवाद शीर्षक का असली अर्थ खोलता है।
जिस समाज में लड़की की जाँच होती है, वहाँ उमा लड़के की नैतिक रीढ़ पर सवाल खड़ा करती है।
रीढ़ की हड्डी सारांश और प्रश्नोत्तर अभ्यास
Q16. रीढ़ की हड्डी एकांकी का मुख्य विषय क्या है?
रीढ़ की हड्डी एकांकी का मुख्य विषय विवाह-व्यवस्था, स्त्री शिक्षा और आत्मसम्मान है।
एकांकी में लड़की देखने की परंपरा के माध्यम से समाज की रूढ़िवादी सोच दिखाई गई है। गोपालप्रसाद और शंकर पढ़ी-लिखी लड़की नहीं चाहते, जबकि वे स्वयं पढ़े-लिखे हैं। उमा इस सोच का साहस से विरोध करती है।
Q17. रीढ़ की हड्डी एकांकी में किस सामाजिक समस्या पर व्यंग्य किया गया है?
इस एकांकी में विवाह से जुड़ी दिखावटी और अन्यायपूर्ण सामाजिक व्यवस्था पर व्यंग्य किया गया है।
लड़की को देखने, परखने और खरीदारी की वस्तु की तरह व्यवहार करने की मानसिकता दिखाई गई है। साथ ही कम पढ़ी-लिखी बहू की माँग और स्त्री शिक्षा से डरने वाली सोच पर भी चोट की गई है।
Q18. रामस्वरूप का चरित्र कैसा है?
रामस्वरूप बाहर से आधुनिक दिखना चाहते हैं, पर भीतर से सामाजिक दबाव में जीते हैं।
वे उमा को पढ़ाते हैं, पर विवाह के समय उसकी शिक्षा छिपाते हैं। वे गोपालप्रसाद के दकियानूसी विचारों से चिढ़ते भी हैं, पर उनके सामने झुकते भी हैं। उनका चरित्र मध्यवर्गीय डर और दिखावे को सामने लाता है।
Q19. प्रेमा की सोच से स्त्री शिक्षा की स्थिति पर क्या पता चलता है?
प्रेमा की सोच से पता चलता है कि उस समय स्त्री शिक्षा को लेकर समाज में संदेह था।
वह अधिक पढ़ाई को “जंजाल” मानती है। उसके अनुसार लड़की को थोड़ी-बहुत घरेलू शिक्षा ही काफी है। इससे रूढ़िगत स्त्री-भूमिका की धारणा सामने आती है।
Q20. गोपालप्रसाद का चरित्र कैसा है?
गोपालप्रसाद चतुर, रूढ़िवादी और दोहरे मानदंड वाला व्यक्ति है।
वह अपने बेटे की पढ़ाई को महत्त्व देता है, पर बहू अधिक पढ़ी-लिखी नहीं चाहता। वह विवाह को “बिजनेस” कहता है और लड़की की सुंदरता, चाल, गाना, सिलाई जैसी बातों से जाँच करता है। उसके व्यवहार से समाज की पितृसत्तात्मक सोच स्पष्ट होती है।
Q21. शंकर का चरित्र कैसा है?
शंकर कमजोर व्यक्तित्व और नैतिक साहस की कमी वाला युवक है।
वह पिता की बातों के पीछे छिपा रहता है। वह स्वयं लड़की को देखने आया है, पर आँखें छिपाकर बैठता है। उमा उसके पिछले कायर व्यवहार को सामने लाकर उसकी “बैकबोन” पर सवाल उठाती है।
Q22. उमा का प्रतिरोध क्यों महत्त्वपूर्ण है?
उमा का प्रतिरोध इसलिए महत्त्वपूर्ण है क्योंकि वह अपमानजनक व्यवस्था को स्वीकार नहीं करती।
वह अपने पिता की आज्ञाकारी बेटी बनकर चुप रह सकती थी, पर वह बोलती है। वह लड़की को वस्तु समझने पर सवाल उठाती है। उसका प्रतिरोध स्त्री शिक्षा और आत्मसम्मान की आवाज़ बन जाता है।
Q23. “लड़की को वस्तु की तरह देखना” एकांकी में कैसे दिखाया गया है?
गोपालप्रसाद और शंकर उमा को व्यक्ति की तरह नहीं, जाँचने योग्य वस्तु की तरह देखते हैं।
उसकी चाल, चेहरा, गाना, पेंटिंग, सिलाई और शिक्षा पर सवाल होते हैं। उसकी इच्छा या मन की कोई चर्चा नहीं होती। उमा इसी व्यवहार को कुर्सी-मेज की बिक्री से तुलना करके उजागर करती है।
Q24. एकांकी का अंत रतन के “मक्खन!” संवाद से क्यों होता है?
रतन का “मक्खन!” संवाद पूरे तनाव के बाद व्यंग्य और हास्य पैदा करता है।
जब गंभीर सामाजिक टकराव हो चुका है, तब रतन मक्खन लेकर आता है। इससे विवाह-तैयारी की कृत्रिमता और घर की भागदौड़ पर व्यंग्य होता है। यह अंत एकांकी को मार्मिक और व्यंग्यपूर्ण दोनों बनाता है।
Q25. रीढ़ की हड्डी शीर्षक क्यों सार्थक है?
रीढ़ की हड्डी शीर्षक आत्मसम्मान और नैतिक दृढ़ता का प्रतीक है।
शंकर के पास शारीरिक रीढ़ है, पर नैतिक साहस नहीं है। उमा शंकर से अधिक दृढ़ और साहसी साबित होती है। इसलिए शीर्षक समाज के पुरुष-प्रधान दंभ पर तीखा व्यंग्य करता है।
रीढ़ की हड्डी लेखक परिचय
Q26. जगदीशचंद्र माथुर का संक्षिप्त परिचय लिखिए।
जगदीशचंद्र माथुर हिंदी के प्रसिद्ध नाटककार, एकांकीकार और साहित्यकार थे।
उनका जन्म 1917 में शाहजहाँपुर, उत्तर प्रदेश में हुआ। वे भारतीय सिविल सेवा में भी रहे और अनेक प्रशासनिक पदों पर कार्य किया। भोर का तारा, कोणार्क, ओ मेरे सपने, शारदीया और पहला राजा उनकी प्रमुख रचनाएँ हैं।
Q27. रीढ़ की हड्डी एकांकी की संवाद-शैली कैसी है?
रीढ़ की हड्डी एकांकी की संवाद-शैली स्वाभाविक, तीखी और व्यंग्यपूर्ण है।
पात्रों के संवाद उनके स्वभाव को तुरंत सामने लाते हैं। रामस्वरूप की घबराहट, गोपालप्रसाद की चतुराई, शंकर की कमजोरी और उमा का आत्मसम्मान संवादों से स्पष्ट होता है। यही संवाद एकांकी को मंचीय प्रभाव देते हैं।
उमा चरित्र चित्रण और Class 9 Hindi Ganga Chapter 6 long answer practice
Q28. उमा का चरित्र-चित्रण कीजिए।
उमा शिक्षित, स्वाभिमानी और साहसी युवती है।
वह बी.ए. पास है और अपनी शिक्षा को अपराध नहीं मानती। विवाह के नाम पर जब उसे वस्तु की तरह परखा जाता है, तो वह चुप नहीं रहती। वह साफ कहती है कि लड़कियों के भी दिल और सम्मान होते हैं।
उमा शंकर और गोपालप्रसाद के दोहरे चरित्र को सामने लाती है। वह शंकर की कायरता पर “बैकबोन” कहकर व्यंग्य करती है। इससे पता चलता है कि उसमें आत्मबल और स्वतंत्र विचार हैं।
उमा उस समय की पढ़ी-लिखी नई स्त्री का प्रतीक है। वह स्त्री शिक्षा, सम्मान और समान अधिकार की आवाज़ बनकर उभरती है।
Creative Writing / रचनात्मक लेखन Practice from Class 9 Hindi Ganga Chapter 6 important questions
रीढ़ की हड्डी रचनात्मक लेखन में संवाद, टिप्पणी, रिपोर्ट और साक्षात्कार के लिए अच्छा आधार देती है। इस पाठ में विद्यार्थी सामाजिक मुद्दे को मंचीय भाषा और छोटे संवादों में लिखना सीख सकते हैं।
रचनात्मक लेखन अभ्यास: Reedh Ki Haddi Class 9
Q29. उमा द्वारा शंकर पर की गई टिप्पणी पर अपने विचार लिखिए।
उमा की टिप्पणी तीखी है, पर उचित है।
शंकर लड़की देखने आया है, पर उसमें स्वयं सच का सामना करने का साहस नहीं है। वह अपने पिता की रूढ़िवादी सोच के पीछे छिपा रहता है। उमा जब उसकी “रीढ़ की हड्डी” पर प्रश्न करती है, तो वह उसके नैतिक साहस की कमी को सामने लाती है।
यह टिप्पणी केवल शंकर पर नहीं, उस समाज पर भी व्यंग्य है जो लड़की की शिक्षा, चाल, रूप और कौशल की परीक्षा लेता है, पर लड़के के चरित्र को नहीं देखता। उमा की बात बताती है कि सम्मान और चरित्र केवल पुरुषों के दावे से नहीं बनते।
Q30. मान लीजिए कि आप उमा के घर से लाइव रिपोर्ट कर रहे हैं। घटना का छोटा विवरण लिखिए।
नमस्कार, मैं उमा के घर से यह विशेष रिपोर्ट दे रहा हूँ।
आज यहाँ विवाह के संबंध में शंकर और उसके पिता गोपालप्रसाद आए थे। घर में उनके स्वागत की बहुत तैयारी की गई थी। बातचीत के दौरान गोपालप्रसाद ने लड़की की शिक्षा, रूप, गाना, सिलाई और चाल पर कई बातें पूछीं।
स्थिति तब बदल गई जब उमा ने चुप रहने से इनकार कर दिया। उसने साफ कहा कि लड़की कोई कुर्सी-मेज नहीं है जिसे खरीदार के सामने दिखाया जाए। उसने शंकर के चरित्र पर भी प्रश्न उठाया। इस घटना ने विवाह-व्यवस्था और स्त्री सम्मान पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
Useful Links for Class 9 Hindi Ganga
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| Syllabus | CBSE Class 9 Hindi Syllabus |
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FAQs (Frequently Asked Questions)
रीढ़ की हड्डी सारांश यह है कि उमा को देखने शंकर और उसके पिता आते हैं। वे पढ़ी-लिखी लड़की नहीं चाहते और उमा को वस्तु की तरह परखते हैं। अंत में उमा अपने आत्मसम्मान के साथ बोलती है और शंकर की नैतिक “बैकबोन” पर सवाल करती है।
Important Questions Class 9 Hindi Ganga Chapter 6 में रीढ़ की हड्डी एकांकी, स्त्री शिक्षा, उमा चरित्र चित्रण, शीर्षक का अर्थ, गोपालप्रसाद, शंकर, रीढ़ की हड्डी extract practice और रीढ़ की हड्डी व्याकरण पढ़ना चाहिए।
रीढ़ की हड्डी शीर्षक आत्मसम्मान, नैतिक साहस और चरित्र की दृढ़ता का प्रतीक है। उमा के संवाद से स्पष्ट होता है कि शंकर में यही नैतिक रीढ़ नहीं है।
उमा शिक्षित, स्वाभिमानी और निर्भीक है। वह विवाह के नाम पर अपना अपमान सहन नहीं करती। वह स्त्री शिक्षा और आत्मसम्मान की सशक्त आवाज़ बनती है।
रीढ़ की हड्डी एकांकी का मुख्य संदेश है कि स्त्री को वस्तु समझना अन्याय है। शिक्षा, आत्मसम्मान और नैतिक साहस हर व्यक्ति के लिए जरूरी हैं, चाहे वह स्त्री हो या पुरुष।
