Important Questions Class 9 Sanskrit 2026-27

Important Questions Class 9 Sanskrit में अपठित-अवबोधनम्, रचनात्मक-कार्यम्, अनुप्रयुक्त-व्याकरणम् और शारदा पाठ्यपुस्तक से जुड़े परीक्षा-आधारित प्रश्न शामिल हैं। CBSE Class 9 Sanskrit 2026-27 के लिए विद्यार्थी गद्यांश, पत्र-पूर्ति, चित्र-वर्णन, अनुवाद, संधि, समास, प्रत्यय, उपसर्ग, अव्यय और पठित पाठों का अभ्यास कर सकते हैं।

कक्षा 9 संस्कृत में भाषा-समझ, व्याकरण, अनुवाद, श्लोक-अर्थ और पाठ-आधारित उत्तरों का संतुलित अभ्यास जरूरी है। NCERT Class 9 Sanskrit Sharada पाठ्यपुस्तक में 11 पाठ दिए गए हैं। इनमें संस्कृत भाषा, धर्म-अर्थ, जीवकारुण्य, पञ्चकोष, कृत्रिम बुद्धि, मन की शुद्धि, अन्न, प्रत्युपकार, जैन परंपरा और वर्णोच्चारण जैसे विषय शामिल हैं। पुस्तक में अन्वय, समास, वाच्य, शब्दरूप और धातुरूप परिशिष्ट भी दिए गए हैं। 

ये Important Questions Class 9 Sanskrit विद्यार्थियों को शारदा पाठ्यपुस्तक, अपठित-अवबोधनम्, रचनात्मक-कार्यम् और अनुप्रयुक्त-व्याकरणम् एक साथ दोहराने में मदद करते हैं।

Key Takeaways

  • NCERT Class 9 Sanskrit Sharada: पुस्तक में 11 मुख्य पाठ और व्याकरण-संबंधी परिशिष्ट हैं।
  • Exam focus: अपठित-अवबोधनम्, रचनात्मक-कार्यम्, अनुप्रयुक्त-व्याकरणम् और पठित-अवबोधनम् महत्त्वपूर्ण हैं।
  • Grammar practice: संधि, समास, प्रत्यय, उपसर्ग, अव्यय और संख्या-शब्दों का नियमित अभ्यास जरूरी है।
  • Textbook practice: पाठों से MCQs, लघु उत्तर, अर्थ, अन्वय, भावार्थ और व्याकरण आधारित प्रश्न आ सकते हैं।

Important Questions Class 9 Sanskrit Exam Pattern Overview

CBSE Class 9 Sanskrit का लिखित प्रश्नपत्र सामान्यतः 80 अंकों का होता है। इसमें अपठित-अवबोधनम्, रचनात्मक-कार्यम्, अनुप्रयुक्त-व्याकरणम् और पठित-अवबोधनम् से प्रश्न पूछे जाते हैं। Important Questions Class 9 Sanskrit के लिए विद्यार्थियों को गद्यांश, पत्र-पूर्ति, चित्र-वर्णन, अनुवाद, संधि, समास, प्रत्यय, उपसर्ग, अव्यय, संख्या-शब्द और शारदा पाठ्यपुस्तक के पाठों का अभ्यास करना चाहिए।

CBSE Class 9 Sanskrit Theory Paper Structure

क्षेत्र विवरण अंक
अपठित-अवबोधनम् लगभग 80–100 शब्दों का एक अपठित गद्यांश; एक-शब्दीय उत्तर, पूर्ण-वाक्य उत्तर, शीर्षक, कर्ता/क्रिया जैसे भाषा-आधारित प्रश्न 10
रचनात्मक-कार्यम् शब्द-सहायता से पत्र-पूर्ति, चित्र-वर्णन के लिए 5 वाक्य, हिन्दी/English से संस्कृत में सरल वाक्य-अनुवाद 15
अनुप्रयुक्त-व्याकरणम् संधि, समास, प्रत्यय, उपसर्ग, अव्यय, संख्या-शब्द 1–100 25
पठित-अवबोधनम् शारदा पाठ्यपुस्तक के पाठों से अर्थ, प्रसंग, व्याकरण, अन्वय, लघु उत्तर और भावार्थ आधारित प्रश्न 30
कुल 80

NCERT Class 9 Sanskrit Sharada Chapters

Sharada नवमकक्षायाः संस्कृत-पाठ्यपुस्तकम् है। इसमें 11 पाठों के साथ अन्वय, समास, वाच्य, शब्दरूप और धातुरूप परिशिष्ट दिए गए हैं।

Chapter No. Chapter Name
Chapter 1 सत्यं शिवं सुन्दरं संस्कृतम्
Chapter 2 सुखस्य मूलं धर्मः धर्मस्य मूलम् अर्थः
Chapter 3 आत्मवत्सर्वभूतेषु यः पश्यति सः पण्डितः
Chapter 4 न खलु वयस्तेजसो हेतुः
Chapter 5 एषा सा कृतकबुद्धिः मानवबुद्धेः सहकरी
Chapter 6 मनःपूतं समाचरेत्
Chapter 7 उपायं चिन्तयेत् प्राज्ञस्तथापायं च चिन्तयेत्
Chapter 8 अन्नाद् आनन्दं प्रति
Chapter 9 कृतं प्रतिकृतं भूयादेष धर्मः सनातनः
Chapter 10 णमो अरिहंताणम्
Chapter 11 वर्णोच्चारण-शिक्षा २
Chapter 12 अन्वयः
Chapter 13 समासः
Chapter 14 वाच्यम्
Chapter 15 शब्दरूपाणि
Chapter 16 धातुरूपाणि

Class 9 Sanskrit Grammar Topics

Class 9 Sanskrit grammar में रूप, शब्द-रचना, वाक्य-रचना और प्रयोग को समझना जरूरी है। अनुप्रयुक्त-व्याकरणम् में संधि, समास, प्रत्यय, उपसर्ग, अव्यय और संख्या-शब्द जैसे प्रश्न प्रमुख रहते हैं।

Grammar Topic अभ्यास का क्षेत्र
संधि कार्यम् स्वर संधि, व्यंजन संधि, विसर्ग संधि
समासः समस्तपद, विग्रह, समास-भेद
प्रत्ययः त्वा, ल्यप्, क्तवतु आदि प्रत्ययों का प्रयोग
उपसर्गः उपसर्ग पहचानना और धातु/शब्द से जोड़ना
अव्ययम् अव्यय शब्दों का वाक्य में सही प्रयोग
संख्या-शब्दाः 1 से 100 तक संस्कृत संख्याएँ
शब्दरूपाणि संज्ञा और सर्वनाम के विभक्ति-वचन रूप
धातुरूपाणि लकार, पुरुष और वचन के अनुसार धातुरूप
वाच्यम् कर्तृवाच्य, कर्मवाच्य और भाववाच्य
अनुवादः हिन्दी/English से संस्कृत में सरल वाक्य

Class 9 Sanskrit MCQs

ये Class 9 Sanskrit MCQs शारदा पाठ्यपुस्तक, अर्थ-समझ और मूल व्याकरण से जुड़े हैं।

Q1. “सत्यं शिवं सुन्दरं संस्कृतम्” पाठ किस विषय पर आधारित है?

(a) गणित
(b) संस्कृत भाषा का महत्त्व
(c) खेल
(d) संगीत

Answer: (b) संस्कृत भाषा का महत्त्व

यह पाठ संस्कृत भाषा की विशेषता, परंपरा और ज्ञान-संबंध को समझाता है।

Q2. “आत्मवत्सर्वभूतेषु” किस भाव को व्यक्त करता है?

(a) क्रोध
(b) समदृष्टि और करुणा
(c) भय
(d) स्पर्धा

Answer: (b) समदृष्टि और करुणा

इसमें सभी प्राणियों को अपने समान देखने की भावना है।

Q3. “कृत्रिमबुद्धिः” का अर्थ है:

(a) Natural Intelligence
(b) Artificial Intelligence
(c) Emotional Intelligence
(d) Ancient Knowledge

Answer: (b) Artificial Intelligence

कृत्रिमबुद्धिः आधुनिक तकनीक से जुड़ा विषय है।

Q4. “मनःपूतं समाचरेत्” में किस बात पर बल है?

(a) बाहरी सजावट
(b) मन की शुद्धता और सही आचरण
(c) धन-संग्रह
(d) युद्ध-कला

Answer: (b) मन की शुद्धता और सही आचरण

इस पाठ में शुद्ध मन से उचित कर्म करने का संदेश है।

Q5. “संधि” में क्या होता है?

(a) दो शब्दों या ध्वनियों का मेल
(b) केवल अर्थ परिवर्तन
(c) केवल वचन परिवर्तन
(d) केवल लिंग परिवर्तन

Answer: (a) दो शब्दों या ध्वनियों का मेल

संधि में ध्वनियों के मिलने से नया रूप बनता है।

Q6. “अव्यय” शब्दों की विशेषता क्या होती है?

(a) इनके रूप बदलते रहते हैं
(b) इनके रूप नहीं बदलते
(c) ये केवल क्रिया होते हैं
(d) ये केवल संज्ञा होते हैं

Answer: (b) इनके रूप नहीं बदलते

अव्यय शब्द लिंग, वचन और विभक्ति के अनुसार नहीं बदलते।

अपठित-अवबोधनम् Important Questions

अपठित-अवबोधनम् में लगभग 80–100 शब्दों का गद्यांश दिया जाता है। इसमें एक-शब्दीय उत्तर, पूर्ण-वाक्य उत्तर, शीर्षक, कर्ता, क्रिया और सरल भाषा-आधारित प्रश्न आते हैं।

Q7. अधोलिखितं गद्यांशं पठित्वा प्रश्नानाम् उत्तराणि लिखत।

संस्कृतभाषा भारतस्य प्राचीनतमा भाषासु एका अस्ति। अस्यां भाषायां वेदाः, उपनिषदः, रामायणम्, महाभारतम् च लिखितानि सन्ति। संस्कृतभाषा न केवलं धार्मिकग्रन्थेषु, अपि तु विज्ञान, गणित, चिकित्सा, नाट्य, काव्य च क्षेत्रेषु अपि दृश्यते। अतः संस्कृतस्य अध्ययनं भारतीयज्ञानपरम्परायाः अवगमनाय आवश्यकम् अस्ति।

(क) संस्कृतभाषा कीदृशी भाषा अस्ति?
संस्कृतभाषा भारतस्य प्राचीनतमा भाषासु एका अस्ति।

(ख) संस्कृतभाषायां के ग्रन्थाः लिखिताः सन्ति?
संस्कृतभाषायां वेदाः, उपनिषदः, रामायणम्, महाभारतम् च लिखिताः सन्ति।

(ग) संस्कृतस्य अध्ययनं किमर्थम् आवश्यकम्?
संस्कृतस्य अध्ययनं भारतीयज्ञानपरम्परायाः अवगमनाय आवश्यकम् अस्ति।

(घ) गद्यांशस्य उचितं शीर्षकं लिखत।
उचितं शीर्षकम् — “संस्कृतभाषायाः महत्त्वम्”।

Q8. “छात्रः पठति” वाक्य में कर्ता और क्रिया पहचानिए।

कर्ता — छात्रः
क्रिया — पठति

“छात्रः” प्रथमा विभक्ति में है और “पठति” उससे संबंधित क्रिया है।

Q9. अपठित गद्यांश में शीर्षक कैसे लिखा जाता है?

शीर्षक छोटा, स्पष्ट और गद्यांश के मुख्य भाव से जुड़ा होना चाहिए।

यदि गद्यांश संस्कृत भाषा के महत्त्व पर है, तो “संस्कृतभाषायाः महत्त्वम्” जैसा शीर्षक उपयुक्त होगा।

Q10. “विद्यालयः” शब्द का अर्थ लिखिए।

“विद्यालयः” का अर्थ है — स्कूल या पढ़ने का स्थान।

संस्कृत में “विद्या” और “आलय” से मिलकर “विद्यालयः” शब्द बनता है।

रचनात्मक-कार्यम् Questions

रचनात्मक-कार्यम् में पत्र-पूर्ति, चित्र-वर्णन और वाक्य-अनुवाद से प्रश्न आते हैं। उत्तर सरल, शुद्ध और दिए गए शब्दों के आधार पर होने चाहिए।

Q11. शब्द-सहायता से पत्र-पूर्ति कीजिए।

शब्द-सहायता: विद्यालये, पठामि, मित्र, आगच्छ, नमस्ते

प्रिय ________,

________। अहं नवमकक्षायां ________। मम ________ अतीव सुन्दरः अस्ति। त्वं अपि मम विद्यालयं ________।

तव मित्रम्
राहुलः

Answer:

प्रिय मित्र,

नमस्ते। अहं नवमकक्षायां पठामि। मम विद्यालयः अतीव सुन्दरः अस्ति। त्वं अपि मम विद्यालयं आगच्छ।

तव मित्रम्
राहुलः

Q12. चित्र-वर्णन के लिए पाँच वाक्य लिखिए — उद्यानम्।

  1. एतत् उद्यानम् अस्ति।
  2. उद्याने वृक्षाः सन्ति।
  3. बालकाः क्रीडन्ति।
  4. पुष्पाणि सुन्दराणि सन्ति।
  5. जनाः उद्याने भ्रमन्ति।

Q13. “विद्यालयः” विषय पर पाँच वाक्य संस्कृत में लिखिए।

  1. मम विद्यालयः सुन्दरः अस्ति।
  2. विद्यालये बहवः छात्राः पठन्ति।
  3. अध्यापकाः छात्रान् शिक्षयन्ति।
  4. विद्यालये पुस्तकालयः अस्ति।
  5. अहं विद्यालयं प्रतिदिनं गच्छामि।

Q14. हिन्दी से संस्कृत में अनुवाद कीजिए — “मैं पुस्तक पढ़ता हूँ।”

Answer: अहं पुस्तकं पठामि।

यहाँ “अहं” कर्ता है, “पुस्तकम्” कर्म है और “पठामि” क्रिया है।

Q15. हिन्दी से संस्कृत में अनुवाद कीजिए — “वे विद्यालय जाते हैं।”

Answer: ते विद्यालयं गच्छन्ति।

“ते” बहुवचन कर्ता है, इसलिए क्रिया “गच्छन्ति” होगी।

अनुप्रयुक्त-व्याकरणम् Questions

अनुप्रयुक्त-व्याकरणम् में संधि, समास, प्रत्यय, उपसर्ग, अव्यय और संख्या-शब्द प्रमुख रहते हैं। इनके साथ शब्दरूप, धातुरूप और वाच्य भी उपयोगी अभ्यास हैं।

Q16. संधि कीजिए — विद्या + आलयः

Answer: विद्यालयः

“आ” और “आ” के मेल से “आ” रहता है, इसलिए विद्या + आलयः = विद्यालयः।

Q17. संधि-विच्छेद कीजिए — महेशः

Answer: महा + ईशः

“आ” और “ई” के मेल से “ए” बनता है।

Q18. “राजपुत्रः” में समास का भेद बताइए।

Answer: तत्पुरुष समास।

“राजपुत्रः” का विग्रह है — राज्ञः पुत्रः। इसलिए यह तत्पुरुष समास है।

Q19. “नीलकमलम्” का विग्रह कीजिए।

Answer: नीलं कमलम्।

यह कर्मधारय समास है क्योंकि इसमें विशेषण और विशेष्य का संबंध है।

Q20. “गम् + त्वा” से शब्द बनाइए।

Answer: गत्वा

“गत्वा” का अर्थ है — जाकर।

Q21. “पठ् + क्तवतु” से शब्द बनाइए।

Answer: पठितवान्

“पठितवान्” का अर्थ है — उसने पढ़ा।

Q22. “प्र + विश्” से शब्द बनाइए।

Answer: प्रविशति

“प्र” उपसर्ग “विश्” धातु से जुड़कर “प्रविशति” बनाता है, जिसका अर्थ है — प्रवेश करता है।

Q23. “सः ______ विद्यालयं गच्छति।” उचित अव्यय भरिए — अद्य / जलम्

Answer: अद्य

पूर्ण वाक्य: सः अद्य विद्यालयं गच्छति।

“अद्य” अव्यय है, जिसका अर्थ है — आज।

Q24. संख्या-शब्द लिखिए — 12

Answer: द्वादश

संस्कृत में 12 को “द्वादश” कहते हैं।

Q25. संख्या-शब्द लिखिए — 25

Answer: पञ्चविंशतिः

संस्कृत में 25 को “पञ्चविंशतिः” कहते हैं।

पठित-अवबोधनम् Questions from Sharada

पठित-अवबोधनम् में शारदा पाठ्यपुस्तक के पाठों से अर्थ, प्रसंग, भाव, अन्वय और व्याकरणिक प्रश्न पूछे जाते हैं।

Q26. “सत्यं शिवं सुन्दरं संस्कृतम्” पाठ का मुख्य संदेश क्या है?

इस पाठ का मुख्य संदेश है कि संस्कृत भाषा ज्ञान, संस्कृति और भारतीय परंपरा की महत्त्वपूर्ण भाषा है।

यह भाषा प्राचीन ग्रंथों, विज्ञान, दर्शन, साहित्य और जीवन-मूल्यों से जुड़ी हुई है।

Q27. “सुखस्य मूलं धर्मः धर्मस्य मूलम् अर्थः” वाक्य का भाव स्पष्ट कीजिए।

इस वाक्य का भाव है कि जीवन में सुख का आधार धर्म है और धर्म के पालन के लिए अर्थ भी आवश्यक है।

यह विचार जीवन में संतुलित आचरण, कर्तव्य और साधन की उपयोगिता को बताता है।

Q28. “न खलु वयस्तेजसो हेतुः” का अर्थ लिखिए।

इसका अर्थ है — आयु तेज या प्रतिभा का कारण नहीं होती।

व्यक्ति की योग्यता केवल उम्र से नहीं, बल्कि ज्ञान, साहस और कर्म से पहचानी जाती है।

Q29. “एषा सा कृत्रिमबुद्धिः मानवबुद्धेः सहकरी” पाठ किस आधुनिक विषय से जुड़ा है?

यह पाठ कृत्रिम बुद्धि यानी Artificial Intelligence से जुड़ा है।

इसमें बताया गया है कि कृत्रिम बुद्धि मानव-बुद्धि की सहायक हो सकती है।

Q30. “णमो अरिहन्ताणम्” पाठ किस परंपरा से संबंधित है?

“णमो अरिहन्ताणम्” पाठ जैन परंपरा से संबंधित है।

यह नमस्कार महामंत्र का आरंभिक पद है और अहिंसा, संयम तथा आत्मशुद्धि की भावना से जुड़ा है।

FAQs (Frequently Asked Questions)

Class 9 Sanskrit शुरुआत में कठिन लग सकती है क्योंकि इसमें विभक्ति, धातुरूप और वाक्य-रचना पर ध्यान देना पड़ता है। नियमित अभ्यास से संस्कृत के सामान्य वाक्य, शब्दरूप और धातुरूप आसानी से समझ आने लगते हैं।

Sanskrit में उत्तर लिखते समय कर्ता, कर्म और क्रिया का संबंध साफ रखना चाहिए। जैसे “बालकः पुस्तकं पठति” में कर्ता “बालकः”, कर्म “पुस्तकम्” और क्रिया “पठति” है।

शब्दरूप संज्ञा और सर्वनाम के सही रूप समझने में मदद करते हैं। धातुरूप से क्रिया का पुरुष, वचन और लकार सही लिखा जाता है।

Class 9 Sanskrit में अपठित गद्यांश सामान्यतः 80–100 शब्दों का होता है। इससे एक-शब्दीय उत्तर, पूर्ण-वाक्य उत्तर, शीर्षक, कर्ता, क्रिया और सरल अर्थ-आधारित प्रश्न पूछे जा सकते हैं।

अनुप्रयुक्त-व्याकरणम् का नियमित अभ्यास सबसे जरूरी है। संधि, समास, प्रत्यय, उपसर्ग, अव्यय और संख्या-शब्द rule-based होते हैं, इसलिए थोड़े-थोड़े अभ्यास से गलती कम होती है।