Important Questions Class 12 Hindi Antra Chapter 12 Samvadiya with Answers

Important questions help students revise exam-focused themes, characters, incidents and answer-writing points. In short stories, they help students explain conflict, setting, language, character motive and emotional change clearly.

Rural stories often test a student’s ability to understand silence, dignity and emotional conflict. Important Questions Class 12 Hindi Antra Chapter 12 help students revise “Samvadiya” by Phanishwar Nath Renu for CBSE 2026. The chapter centres on Hargobin, Badi Bahuriya, Badi Haveli and a message that cannot be delivered. Students should prepare NCERT exercise answers, character-based questions, extract-based explanations and language questions from the updated book. The story also tests human sensitivity, social decline, rural communication and the moral responsibility of a messenger.

Key Takeaways

  • Author: “Samvadiya” is written by Phanishwar Nath Renu, a major regional storyteller in Hindi.
  • Central Character: Hargobin carries Badi Bahuriya’s message but cannot deliver it because of emotional conflict.
  • Main Theme: The story shows human sensitivity, rural decline, helpless womanhood and moral responsibility.
  • CBSE 2026 Focus: Answers should explain Samvadiya’s duty, Badi Bahuriya’s pain, Badi Haveli’s fall and Hargobin’s resolve.

Important Questions Class 12 Hindi Antra Chapter 12 Structure 2026

Area What to Revise Exam Value
Characters Hargobin, Badi Bahuriya, Badi Bahuriya’s mother, Modiyain Character and motive-based answers
Main Ideas Message, duty, compassion, rural decline, moral conflict NCERT and long answers
Language Points Kabuli-kayda, rom-rom kalapne laga, Badi Haveli, bathua saag Extract and language questions

Class 12 Hindi Antra Chapter 12 Samvadiya: CBSE 2026 Exam Focus

“Samvadiya” में संदेशवाहक की भूमिका केवल सूचना पहुँचाने तक सीमित नहीं रहती। हरगोबिन अपने भीतर करुणा, लाज, गाँव की इज़्ज़त और बड़ी बहुरिया के दुख को साथ लेकर चलता है।

CBSE 2026 में इस पाठ से संवदिया की विशेषताएँ, गाँव वालों की धारणा, बड़ी बहुरिया की पीड़ा, हरगोबिन का नैतिक द्वंद्व और रेणु की भाषा-शैली पर प्रश्न पूछे जा सकते हैं।

1. “Samvadiya” के लेखक कौन हैं?

“Samvadiya” के लेखक फणीश्वरनाथ रेणु हैं। वे हिंदी के प्रमुख आंचलिक कथाकार हैं।

रेणु की कहानियों में गाँव, लोकभाषा, संवेदना और सामाजिक यथार्थ जीवंत रूप में आते हैं। “संवदिया” में उन्होंने हरगोबिन और बड़ी बहुरिया के माध्यम से ग्रामीण जीवन की करुणा दिखाई है।

यह कहानी मानवीय संवेदना और नैतिक जिम्मेदारी की गहरी पहचान प्रस्तुत करती है।

2. “Samvadiya” शब्द का क्या अर्थ है?

“Samvadiya” का अर्थ है संदेशवाहक या संदेश पहुँचाने वाला व्यक्ति। वह किसी का संवाद दूसरे व्यक्ति तक पहुँचाता है।

कहानी में हरगोबिन संवदिया है। वह गाँव-गाँव लोगों के निजी संदेश पहुँचाता रहा है।

सच्चा संवदिया केवल शब्द नहीं ले जाता। वह संदेश का भाव, स्वर और पीड़ा भी समझता है।

3. “Samvadiya” कहानी का मुख्य विषय क्या है?

“Samvadiya” का मुख्य विषय मानवीय संवेदना और संदेशवाहक की नैतिक दुविधा है। बड़ी बहुरिया अपनी माँ को दुखभरा संदेश भेजना चाहती है।

हरगोबिन वह संदेश लेकर जाता है, पर उसे कह नहीं पाता। उसे लगता है कि इससे गाँव की लाज और बड़ी बहुरिया की गरिमा टूट जाएगी।

अंत में वह बड़ी बहुरिया को माँ मानकर उसकी सेवा करने का संकल्प लेता है।

4. हरगोबिन कौन है?

हरगोबिन कहानी का संवदिया है। वह संदेश पहुँचाने का काम करता है और गाँव की स्त्रियों के सुख-दुख से परिचित है।

गाँव वाले उसे निठल्ला और कामचोर समझते हैं। पर वह अपने काम को गंभीरता से निभाता है।

बड़ी बहुरिया का संदेश उसके लिए केवल शब्द नहीं, करुणा और जिम्मेदारी बन जाता है।

Class 12 Hindi Antra Chapter 12 Samvadiya important questions infographic showing Communication Gap Visual with sender, message, silence, misunderstanding, and emotional conflict.

Samvadiya Class 12 Question Answer for NCERT Exercise

NCERT अभ्यास इस कहानी की सबसे जरूरी तैयारी है। Samvadiya Class 12 question answer लिखते समय छात्रों को घटना, पात्र और भावनात्मक अर्थ साथ जोड़ना चाहिए।

अभ्यास में संवदिया की विशेषताएँ, हरगोबिन की आशंका, बड़ी बहुरिया का संदेश, अतीत-स्मृति, कांटे की चुभन, झूठ और अंतिम संकल्प जैसे प्रश्न दिए गए हैं।

5. संवदिया की क्या विशेषताएँ होती हैं?

संवदिया में स्मरण-शक्ति, संवेदनशीलता और विश्वसनीयता होनी चाहिए। उसे संदेश का हर शब्द याद रखना पड़ता है।

जिस स्वर और भाव में संवाद सुनाया गया है, उसी भाव से उसे आगे कहना होता है। यह काम साधारण नहीं है।

सच्चा संवदिया दूसरे के दुख को समझता है। इसलिए वह केवल संदेशवाहक नहीं, भाववाहक भी होता है।

6. गाँव वालों के मन में संवदिया की क्या अवधारणा है?

गाँव वाले संवदिया को अक्सर निठल्ला, कामचोर और पेटू व्यक्ति मानते हैं। वे सोचते हैं कि वह बिना मजदूरी लिए गाँव-गाँव घूमता है।

कुछ लोग उसे स्त्रियों का गुलाम भी कहते हैं। उनकी दृष्टि में यह काम पुरुषार्थ वाला नहीं है।

लेकिन कहानी बताती है कि संवदिया का काम बहुत जिम्मेदारी वाला है।

7. बड़ी हवेली से बुलावा आने पर हरगोबिन के मन में कैसी आशंका हुई?

बड़ी हवेली से बुलावा आने पर हरगोबिन को लगा कि कोई गुप्त समाचार ले जाना होगा। वह हैरान था कि आज भी किसी को संवदिया की जरूरत पड़ी।

डाकघर खुल चुके थे और लोग दूर तक खबर भेज सकते थे। फिर भी बुलावा आया, इसलिए उसे बात गंभीर लगी।

उसने वातावरण को सूँघकर संदेश का अनुमान लगाने की कोशिश की।

8. बड़ी बहुरिया अपने मायके संदेश क्यों भेजना चाहती थी?

बड़ी बहुरिया अपने मायके संदेश इसलिए भेजना चाहती थी क्योंकि वह ससुराल में अत्यंत दुखी थी। बड़ी हवेली अब केवल नाम की हवेली रह गई थी।

देवर शहर चले गए थे और उसकी खोज-खबर नहीं लेते थे। घर की संपत्ति टूट चुकी थी।

वह माँ से कहलवाना चाहती थी कि यदि उसे न ले जाया गया, तो वह पोखरे में डूब मर सकती है।

9. हरगोबिन बड़ी हवेली में पहुँचकर अतीत की किन स्मृतियों में खो जाता है?

हरगोबिन बड़ी हवेली की पुरानी समृद्धि को याद करता है। जहाँ कभी नौकर-चाकर और मजदूरों की भीड़ रहती थी, वहाँ अब सन्नाटा था।

बड़ी बहुरिया स्वयं सूप में अनाज फटक रही थी। उसके हाथों में कभी केवल मेहंदी लगती थी।

हरगोबिन को बड़े भैया की मृत्यु, भाइयों के झगड़े और हवेली के बिखरने की याद आती है।

10. संवाद कहते समय बड़ी बहुरिया की आँखें क्यों छलछला आईं?

संवाद कहते समय बड़ी बहुरिया की आँखें इसलिए छलछला आईं क्योंकि उसका दुख असहनीय हो चुका था। वह अपने जीवन से टूट चुकी थी।

वह माँ से कहना चाहती थी कि वह भाइयों-भाभियों की नौकरी करके पेट पाल लेगी, पर ससुराल में नहीं रहेगी।

उसका संवाद आत्मसम्मान, पीड़ा और अकेलेपन से भरा था।

11. गाड़ी पर सवार होने के बाद हरगोबिन को कांटे की चुभन का अनुभव क्यों हुआ?

हरगोबिन को कांटे की चुभन इसलिए हुई क्योंकि बड़ी बहुरिया का हर शब्द उसके मन में चुभ रहा था। वह संदेश को बार-बार याद करता था।

उसे डर था कि वह रो पड़ेगा। वह सोचता था कि बड़ी बहुरिया जहाँ रोई है, वहाँ वह भी रोएगा।

यह चुभन उसके संवेदनशील मन और नैतिक द्वंद्व को दिखाती है।

12. कांटे की चुभन से छुटकारा पाने के लिए हरगोबिन ने क्या उपाय सोचा?

हरगोबिन ने सोचा कि वह संदेश अक्षर-अक्षर कह देगा। वह अपने काम को संवदिया का धर्म मानता था।

रात में उसे नींद नहीं आई। उसने तय किया कि सुबह बूढ़ी माता को सच्चा संदेश सुनाएगा।

लेकिन करुणा, गाँव की लाज और बड़ी बहुरिया की गरिमा ने उसे रोक लिया।

13. बड़ी बहुरिया का संदेश हरगोबिन क्यों नहीं सुना सका?

हरगोबिन बड़ी बहुरिया का संदेश इसलिए नहीं सुना सका क्योंकि उसके भीतर करुणा और गाँव की लाज जाग उठी। उसे लगा कि ऐसा संवाद सुनाकर वह बड़ी बहुरिया को और छोटा कर देगा।

वह सोचता है कि लोग उसके गाँव का नाम लेकर थूकेंगे। उन्हें लगेगा कि जहाँ लक्ष्मी जैसी बहुरिया दुख भोग रही है, वह कैसा गाँव है।

इसलिए वह सच्चा संदेश छिपा जाता है। यह झूठ संवेदना से उपजा है।

14. “संवदिया डटकर खाता है और अफर कर सोता है” का क्या आशय है?

इस कथन का आशय गाँव वालों की सामान्य धारणा से है कि संवदिया आराम से खाता और बेफिक्र सोता है। लोग उसे हल्का काम करने वाला समझते हैं।

लेकिन हरगोबिन का अनुभव इसके उलट है। वह बड़ी बहुरिया का संदेश लेकर बेचैन हो जाता है।

वह न खा पाता है, न सो पाता है। इससे संवदिया के काम की गहराई स्पष्ट होती है।

15. जलालगढ़ पहुँचने के बाद बड़ी बहुरिया के सामने हरगोबिन ने क्या संकल्प लिया?

जलालगढ़ पहुँचने के बाद हरगोबिन ने बड़ी बहुरिया की सेवा करने का संकल्प लिया। उसने स्वीकार किया कि वह उसका संदेश नहीं कह सका।

वह बड़ी बहुरिया से क्षमा माँगता है। वह कहता है कि वह अब निठल्ला नहीं बैठेगा।

वह बड़ी बहुरिया को अपनी माँ और पूरे गाँव की माँ मानता है। यही कहानी का भावनात्मक शिखर है।

Class 12 Hindi Antra Chapter 12 Important Questions for Short Answers

छोटे उत्तरों में व्यक्ति, घटना और भाव साफ लिखना चाहिए। Class 12 Hindi Antra Chapter 12 important questions में हरगोबिन, बड़ी बहुरिया और संदेश का नैतिक पक्ष प्रमुख है।

उत्तर को सामान्य ग्रामीण जीवन का वर्णन न बनाएँ। हर उत्तर कहानी की घटना से जुड़ा होना चाहिए।

16. बड़ी हवेली अब केवल नाम की बड़ी हवेली क्यों रह गई थी?

बड़ी हवेली अब केवल नाम की बड़ी हवेली रह गई थी क्योंकि उसकी पुरानी समृद्धि समाप्त हो चुकी थी। जहाँ पहले नौकर-चाकर रहते थे, वहाँ अब सन्नाटा था।

बड़ी बहुरिया स्वयं अनाज फटक रही थी। देवर शहर जाकर बस गए थे।

हवेली की आर्थिक और सामाजिक शक्ति टूट चुकी थी।

17. बड़ी बहुरिया को “गाँव की लक्ष्मी” क्यों कहा गया है?

बड़ी बहुरिया को “गाँव की लक्ष्मी” इसलिए कहा गया है क्योंकि वह कभी बड़ी हवेली की गरिमा का केंद्र थी। गाँव में उसका सम्मान था।

उसके हाथों में मेहंदी लगाकर नाइन परिवार पालती थी। वह समृद्धि और प्रतिष्ठा का प्रतीक थी।

अब वही बड़ी बहुरिया दुख और उपेक्षा झेल रही थी।

18. मोदियाइन का प्रसंग कहानी में क्या दिखाता है?

मोदियाइन का प्रसंग बड़ी बहुरिया की आर्थिक दुर्दशा दिखाता है। वह उधार के पैसे वसूलने आई थी।

बड़ी बहुरिया चुप रहती है। वह जवाब देने की स्थिति में भी नहीं है।

हरगोबिन मोदियाइन को “काबुली-कायदा” कहकर चुटकी लेता है। इससे वातावरण में करुणा और हास्य साथ आते हैं।

19. हरगोबिन ने राह-खर्च लेने से क्यों मना कर दिया?

हरगोबिन ने राह-खर्च लेने से इसलिए मना किया क्योंकि वह बड़ी बहुरिया की गरीबी और लाचारी समझ चुका था। उसके पास पूरा खर्च भी नहीं था।

बड़ी बहुरिया पाँच रुपये का गंदा नोट देती है। हरगोबिन उसे लेने में संकोच करता है।

उसके भीतर बड़ी बहुरिया के प्रति करुणा जाग चुकी थी।

20. बड़ी बहुरिया के देवरों का व्यवहार कैसा था?

बड़ी बहुरिया के देवरों का व्यवहार स्वार्थी और उपेक्षापूर्ण था। वे शहर में बस गए थे और उसकी खोज-खबर नहीं लेते थे।

वे फसल के समय आते, अनाज ले जाते और वापस चले जाते। आम के मौसम में भी वे लाभ लेने आते थे।

वे बड़ी बहुरिया को अकेले दुख सहने के लिए छोड़ देते थे।

21. हरगोबिन ने बड़ी बहुरिया की माँ से क्या कहा?

हरगोबिन ने बड़ी बहुरिया की माँ से कहा कि सब कुशल है। उसने सच्चा दुखभरा संवाद नहीं सुनाया।

उसने कहा कि बड़ी बहुरिया दशहरे में गंगा जी के मेले में मिलने आएगी। उसने यह भी कहा कि सारी गृहस्थी उसी पर है।

यह कहकर उसने बड़ी बहुरिया की लाज बचाई।

22. बड़ी बहुरिया की माँ ने अपनी बेटी के बारे में क्या चिंता जताई?

बड़ी बहुरिया की माँ ने कहा कि बेटी अकेली है और वहाँ अब कुछ नहीं बचा। जमीन-जायदाद चली गई थी।

देवर शहर बस गए थे और खोज-खबर नहीं लेते थे। माँ अपनी बेटी को अपने पास बुलाना चाहती थी।

माँ का दुख बेटी की असुरक्षा को उजागर करता है।

23. हरगोबिन ने माँ की दी हुई चूड़ा की पोटली क्यों नहीं खाई?

हरगोबिन ने चूड़ा इसलिए नहीं खाया क्योंकि वह उसे बड़ी बहुरिया के लिए माँ की सौगात मानता था। वह उसे अपने लिए नहीं समझता।

वह भूखा था, फिर भी पोटली से एक मुट्ठी भी नहीं खा सका। चूड़ा उसके लिए माँ-बेटी के संबंध का प्रतीक बन गया।

यह प्रसंग हरगोबिन की संवेदनशीलता दिखाता है।

24. हरगोबिन पैदल जलालगढ़ क्यों लौटा?

हरगोबिन पैदल इसलिए लौटा क्योंकि उसके पास आगे का टिकट लेने के पैसे नहीं थे। उसके पास केवल कटिहार तक का टिकट लेने लायक पैसा था।

जलालगढ़ पहुँचने के लिए उसे बीस कोस चलना पड़ा। बड़ी बहुरिया की डबडबाई आँखें उसे आगे खींचती रहीं।

उसकी यात्रा शारीरिक कष्ट और मानसिक पीड़ा दोनों से भरी थी।

Samvadiya Important Questions for 3-Mark and 5-Mark Practice

लंबे उत्तरों में कहानी के भाव, पात्र और सामाजिक अर्थ को साथ लिखना चाहिए। Samvadiya important questions में हरगोबिन का नैतिक संघर्ष और बड़ी बहुरिया की पीड़ा खास महत्व रखते हैं।

CBSE 2026 में ऐसे प्रश्न आ सकते हैं जिनमें कहानी की करुणा, आंचलिकता और मानवीय संवेदना समझानी हो।

25. हरगोबिन का चरित्र-चित्रण कीजिए।

हरगोबिन संवेदनशील, विश्वसनीय और करुणाशील संवदिया है। गाँव वाले उसे निठल्ला मानते हैं, पर वह अपने काम की गंभीरता समझता है।

वह बड़ी बहुरिया का दुख सुनकर विचलित हो जाता है। गाड़ी में बैठकर उसका हर शब्द कांटे की तरह चुभता है।

वह संदेश नहीं कह पाता, पर यह कमजोरी नहीं है। यह करुणा और गाँव की इज़्ज़त से उपजा निर्णय है।

अंत में वह बड़ी बहुरिया की सेवा का संकल्प लेता है। यह उसके मानवीय उत्कर्ष को दिखाता है।

26. बड़ी बहुरिया का चरित्र-चित्रण कीजिए।

बड़ी बहुरिया सहनशील, आत्मसम्मानी और गहरे दुख से भरी स्त्री है। वह कभी बड़ी हवेली की लक्ष्मी थी।

अब वह अकेली, उपेक्षित और आर्थिक कठिनाई में है। देवर उसकी देखभाल नहीं करते।

वह मायके संदेश भेजना चाहती है, पर उसका दुख केवल निजी नहीं है। उसमें असहाय स्त्री की करुणा और मर्यादा दोनों हैं।

27. कहानी में बड़ी हवेली का पतन कैसे दिखाया गया है?

कहानी में बड़ी हवेली का पतन उसके बदले हुए वातावरण से दिखता है। पहले वहाँ नौकरों और मजदूरों की भीड़ रहती थी।

अब बड़ी बहुरिया खुद सूप में अनाज फटकती है। मोदियाइन उधार वसूलने आ जाती है।

भाइयों के झगड़े, जमीन पर दखल और शहर पलायन ने हवेली को खोखला कर दिया। बड़ी हवेली अब नाम भर की बड़ी हवेली रह गई है।

28. हरगोबिन का झूठ क्या कहानी में उचित लगता है?

हरगोबिन का झूठ संवेदना और मर्यादा से उपजा है। उसने झूठ अपने लाभ के लिए नहीं बोला।

यदि वह सच्चा संदेश कहता, तो बड़ी बहुरिया की स्थिति सबके सामने अपमानित हो जाती। उसे अपने गाँव की लाज भी लगी।

कहानी इस झूठ को नैतिक करुणा के रूप में प्रस्तुत करती है। यह झूठ मनुष्यता बचाने वाला झूठ है।

29. “Samvadiya” कहानी में मानवीय संवेदना कैसे प्रकट होती है?

कहानी में मानवीय संवेदना हरगोबिन की बेचैनी और बड़ी बहुरिया की पीड़ा से प्रकट होती है। हरगोबिन संदेश को केवल वाक्य नहीं मानता।

वह बड़ी बहुरिया की आँखें, सिसकियाँ और अकेलापन साथ लेकर चलता है। इसलिए वह खाना नहीं खा पाता और सो नहीं पाता।

अंत में वह बड़ी बहुरिया को माँ मानकर उसकी सेवा का संकल्प लेता है। यही कहानी की करुणा है।

30. फणीश्वरनाथ रेणु की भाषा-शैली की विशेषताएँ लिखिए।

रेणु की भाषा आंचलिक, संवेदनशील और प्रवाहपूर्ण है। वे लोकभाषा, मुहावरों और ग्रामीण शब्दों से वातावरण बनाते हैं।

“काबुली-कायदा”, “रोम-रोम कलपने लगा”, “खून सूख जाना” जैसे प्रयोग कथा को जीवंत बनाते हैं। संवादों में स्थानीय बोली की गंध है।

भाषा कहानी की करुणा को गहरा बनाती है।

31. कहानी में स्त्री-पीड़ा का चित्रण कैसे हुआ है?

कहानी में स्त्री-पीड़ा बड़ी बहुरिया की स्थिति से दिखाई देती है। वह बड़ी हवेली की बहू है, पर अकेली और उपेक्षित है।

देवर उसका उपयोग करते हैं, पर उसकी देखभाल नहीं करते। वह बथुआ-साग खाकर जीने की बात कहती है।

उसका मायके संदेश उसकी असहायता का चरम है। रेणु ने उसकी पीड़ा को बिना शोर के दिखाया है।

32. “गाँव की लक्ष्मी गाँव छोड़कर कैसे जाएगी?” का भाव स्पष्ट कीजिए।

इस कथन का भाव है कि बड़ी बहुरिया गाँव की गरिमा और आत्मीयता का प्रतीक है। हरगोबिन उसे केवल अकेली स्त्री नहीं मानता।

वह सोचता है कि यदि बड़ी बहुरिया चली गई, तो गाँव की प्रतिष्ठा टूट जाएगी। वह उसे पूरे गाँव की माँ मानता है।

यह कथन हरगोबिन की संवेदना और गाँव-सम्बद्धता को दिखाता है।

NCERT Solutions Class 12 Hindi Antra Chapter 12: Extract-Based Questions

Extract-based answers में पंक्ति का अर्थ, संदर्भ और भाव स्पष्ट लिखें। NCERT Solutions Class 12 Hindi Antra Chapter 12 की तैयारी में बड़ी हवेली, संदेश, पीड़ा और भाषा-शिल्प से जुड़े अंश उपयोगी हैं।

उत्तर में केवल शब्दार्थ न लिखें। पंक्ति को पात्र की मनःस्थिति और कहानी के भाव से जोड़ें।

33. “बड़ी हवेली अब नाममात्र को ही बड़ी हवेली है” का भाव स्पष्ट कीजिए।

इस पंक्ति का भाव है कि हवेली की पुरानी समृद्धि समाप्त हो चुकी है। उसका नाम बचा है, वैभव नहीं।

जहाँ पहले नौकरों की भीड़ थी, वहाँ अब बड़ी बहुरिया खुद अनाज फटकती है। यह पतन आर्थिक और मानवीय दोनों है।

पंक्ति कहानी की सामाजिक पृष्ठभूमि खोलती है।

34. “हरगोबिन ने देखी अपनी आँखों से द्रौपदी की चीरहरण लीला” का आशय क्या है?

इस कथन का आशय बड़ी बहुरिया के अपमान और संपत्ति-बँटवारे की क्रूरता से है। बनारसी साड़ी को तीन टुकड़ों में बाँटा गया।

यह दृश्य द्रौपदी के चीरहरण की याद दिलाता है। हरगोबिन ने इसे अपमानजनक घटना की तरह देखा।

यह पंक्ति स्त्री-अपमान और परिवार की निर्दयता को तीखा बनाती है।

35. “बथुआ-साग खाकर कब तक जीऊँ?” का भाव लिखिए।

इस पंक्ति का भाव बड़ी बहुरिया की गरीबी, अकेलापन और टूटन है। वह अब सम्मानजनक जीवन नहीं जी पा रही।

वह माँ से कहना चाहती है कि कब तक ऐसे कष्ट में रहे। उसके पास भोजन और सहारा दोनों का अभाव है।

यह वाक्य उसकी जीवन-व्यथा को सीधे व्यक्त करता है।

36. “किस मुँह से वह ऐसा संवाद सुनाएगा?” का भाव स्पष्ट कीजिए।

इस पंक्ति का भाव हरगोबिन की नैतिक दुविधा है। वह बड़ी बहुरिया का दुख सुनाने से घबरा रहा है।

उसे लगता है कि सच्चा संदेश सुनाकर वह अपने गाँव को कलंकित करेगा। बड़ी बहुरिया की पीड़ा सबके सामने खुल जाएगी।

यह पंक्ति उसके मन के संघर्ष को व्यक्त करती है।

37. “रोम-रोम कलपने लगा” का अर्थ क्या है?

“रोम-रोम कलपने लगा” का अर्थ है हरगोबिन का पूरा अस्तित्व दुख से काँप उठा। बड़ी बहुरिया का संदेश सुनकर वह भीतर से टूट गया।

यह मुहावरा उसकी करुणा और बेचैनी को तीव्र बनाता है। वह केवल सुनने वाला नहीं रहता, दुख में शामिल हो जाता है।

यह भाषा-प्रयोग रेणु की संवेदनशील शैली का उदाहरण है।

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FAQs (Frequently Asked Questions)

Phanishwar Nath Renu wrote “Samvadiya”. The story appears in the updated Class 12 Hindi Antra Chapter 12 book.

“Samvadiya” is about Hargobin, a messenger who carries Badi Bahuriya’s painful message. The story shows compassion, moral conflict and rural suffering.

Samvadiya means a messenger who carries someone’s words to another person. In the story, Hargobin carries Badi Bahuriya’s message.

Hargobin did not deliver the message because he wanted to protect Badi Bahuriya’s dignity. He also wanted to save his village’s honour.

Yes, Samvadiya NCERT Solutions are useful for CBSE 2026. They cover Hargobin, Badi Bahuriya, Badi Haveli, message delivery and language-based questions.