NCERT Solutions Class 12 Chemistry In Hindi

कक्षा 12 रसायन विज्ञान में अच्छे अंक लाने के लिए छात्रों को हर अध्याय की प्रकृति समझकर तैयारी करनी होती है। विलयन, विद्युत रसायन और रासायनिक बलगतिकी में सूत्रों, मात्रकों और संख्यात्मक चरणों पर ध्यान देना जरूरी है। डी और एफ-ब्लॉक तत्व तथा समन्वय यौगिकों में परिभाषाएं, प्रवृत्तियां, अपवाद, संरचनाएं और नामकरण महत्वपूर्ण होते हैं। हैलोऐल्केन, हैलोएरीन, ऐल्कोहॉल, फिनॉल, ईथर, ऐल्डिहाइड, कीटोन, कार्बोक्सिलिक अम्ल और ऐमीन जैसे अध्यायों में अभिक्रियाएं, अभिकर्मक, उत्पाद और रूपांतरण नियमित अभ्यास मांगते हैं।

NCERT Solutions Class 12 Chemistry In Hindi छात्रों को पाठ्यपुस्तक के प्रश्नों को सरल भाषा में समझने और परीक्षा-योग्य उत्तर लिखने में मदद करते हैं। इन हलों से छात्र यह समझ सकते हैं कि संख्यात्मक प्रश्नों में दिए गए मान कैसे लिखने हैं, किस सूत्र का प्रयोग करना है, अभिक्रियाओं में सही उत्पाद कैसे पहचानना है और कारण-आधारित उत्तरों में कौन से मुख्य बिंदु शामिल करने हैं।

कक्षा 12 रसायन विज्ञान एनसीईआरटी हल हिन्दी में दोनों पुस्तकों के सभी 10 अध्याय शामिल हैं। ये हल बोर्ड परीक्षा, विद्यालयी परीक्षा, अध्यायवार दोहराव, अभ्यास प्रश्नों और महत्वपूर्ण अवधारणाओं की तैयारी के लिए उपयोगी हैं।

मुख्य बातें

  • कक्षा 12 रसायन विज्ञान के सभी 10 अध्यायों के हल शामिल हैं।
  • संख्यात्मक प्रश्नों, अभिक्रियाओं, सूत्रों, परिभाषाओं और कारण-आधारित उत्तरों का अभ्यास कराया गया है।
  • भौतिक, अकार्बनिक और कार्बनिक रसायन के लिए अलग-अलग तैयारी पद्धति समझने में मदद मिलती है।
  • अध्यायवार दोहराव के लिए पाठ्यपुस्तक अभ्यास, महत्वपूर्ण अवधारणाएं और परीक्षा-उपयोगी बिंदु दिए गए हैं।

कक्षा 12 रसायन विज्ञान हिन्दी हल संरचना 2026

अध्याय संख्या अध्याय का नाम मुख्य क्षेत्र
अध्याय 1 विलयन भौतिक रसायन
अध्याय 2 वैद्युत रसायन भौतिक रसायन
अध्याय 3 रासायनिक बलगतिकी भौतिक रसायन
अध्याय 4 d- एवं f-ब्लॉक तत्व अकार्बनिक रसायन
अध्याय 5 समन्वय यौगिक अकार्बनिक रसायन
अध्याय 6 हेलोएल्केन तथा हेलोएरीन कार्बनिक रसायन
अध्याय 7 ऐल्कोहॉल, फीनॉल एवं ईथर कार्बनिक रसायन
अध्याय 8 ऐल्डिहाइड, कीटोन एवं कार्बोक्सिलिक अम्ल कार्बनिक रसायन
अध्याय 9 ऐमीन कार्बनिक रसायन
अध्याय 10 जैव अणु कार्बनिक रसायन और जैव-रसायन

कक्षा 12 रसायन विज्ञान हिन्दी हल अध्यायवार

अध्याय 1: विलयन

अध्याय 1 विलयन में छात्रों को विलयन, विलेय, विलायक, सांद्रता और अणुसंख्य गुणों को समझना होता है। यह अध्याय संख्यात्मक प्रश्नों के लिए महत्वपूर्ण है, इसलिए छात्रों को मोल अंश, मोलरता, मोललता, वाष्प दाब, परासरण दाब, क्वथनांक में वृद्धि और हिमांक में अवनमन से जुड़े सूत्रों का अभ्यास करना चाहिए।

इस अध्याय की तैयारी करते समय पहले सांद्रता की इकाइयों को स्पष्ट करें, फिर राउल्ट नियम और हेनरी नियम के प्रश्नों पर जाएं। अणुसंख्य गुणों वाले प्रश्नों में सही सूत्र चुनना, तापमान और मात्रकों को ठीक रखना तथा अंतिम उत्तर में इकाई लिखना आवश्यक है। पाठ्यपुस्तक में विलयन को दो या अधिक घटकों का समांगी मिश्रण बताया गया है और गैसीय, द्रव तथा ठोस विलयनों के उदाहरण दिए गए हैं।

छात्र इन बिंदुओं पर ध्यान दें:

  • विलयनों के प्रकार
  • विलयन की सांद्रता
  • हेनरी नियम
  • राउल्ट नियम
  • आदर्श विलयन
  • अनादर्श विलयन
  • अणुसंख्य गुण
  • असामान्य मोलर द्रव्यमान
  • कक्षा 12 रसायन विज्ञान भाग 1 हल हिन्दी में

अध्याय 2: विद्युत रसायन

अध्याय 2 विद्युत रसायन में रासायनिक अभिक्रियाओं और विद्युत ऊर्जा के बीच संबंध समझाया जाता है। यह अध्याय संख्यात्मक और अवधारणा-आधारित दोनों प्रकार के प्रश्नों के लिए महत्वपूर्ण है। इसमें छात्र सेल लेखन, इलेक्ट्रोड विभव, मानक सेल विभव, नर्न्स्ट समीकरण, चालकता, मोलर चालकता और विद्युत-अपघटन से जुड़े प्रश्नों का अभ्यास करते हैं।

इस अध्याय को पढ़ते समय चिन्ह-नियम, मात्रक और सूत्रों में मान रखने की प्रक्रिया पर विशेष ध्यान देना चाहिए। गैल्वैनी सेल में रासायनिक ऊर्जा विद्युत ऊर्जा में बदलती है, जबकि विद्युत-अपघटनी सेल में विद्युत ऊर्जा की सहायता से ऐसी रासायनिक अभिक्रिया कराई जाती है जो अपने-आप नहीं होती। पाठ्यपुस्तक में विद्युत रसायन को ऐसे अध्ययन के रूप में समझाया गया है जिसमें अपने-आप होने वाली रासायनिक अभिक्रियाओं से विद्युत ऊर्जा प्राप्त की जाती है और विद्युत ऊर्जा का उपयोग अपने-आप न होने वाली रासायनिक अभिक्रियाओं को कराने में किया जाता है।

छात्र इन बिंदुओं पर ध्यान दें:

  • विद्युत-रासायनिक सेल
  • गैल्वैनी सेल
  • मानक इलेक्ट्रोड विभव
  • नर्न्स्ट समीकरण
  • विद्युत-अपघट्य विलयनों की चालकता
  • कोलराउश नियम
  • फैराडे के विद्युत-अपघटन नियम
  • बैटरियां और ईंधन सेल
  • संक्षारण

अध्याय 3: रासायनिक बलगतिकी

अध्याय 3 रासायनिक बलगतिकी में अभिक्रिया की दर और उसे प्रभावित करने वाले कारकों का अध्ययन किया जाता है। यह अध्याय सूत्रों, आलेखों और संख्यात्मक प्रश्नों के लिए उपयोगी है। छात्रों को औसत दर, तात्क्षणिक दर, दर नियम, दर स्थिरांक, अभिक्रिया की कोटि, आणविकता, अर्ध-आयु और ताप पर निर्भरता जैसे बिंदुओं को स्पष्ट समझना चाहिए।

इस अध्याय में एक महत्वपूर्ण बात यह है कि ऊष्मागतिकी केवल यह बताती है कि अभिक्रिया संभव है या नहीं, जबकि रासायनिक बलगतिकी यह बताती है कि अभिक्रिया कितनी तेजी से होगी। इसलिए उत्तर लिखते समय दर, सांद्रता, समय और दर स्थिरांक के संबंध को सही ढंग से दिखाना जरूरी है। पाठ्यपुस्तक में रासायनिक बलगतिकी को अभिक्रिया दर और उसकी क्रियाविधि के अध्ययन से जोड़ा गया है।

छात्र इन बिंदुओं पर ध्यान दें:

  • अभिक्रिया की दर
  • औसत दर
  • तात्क्षणिक दर
  • दर नियम
  • दर स्थिरांक
  • अभिक्रिया की कोटि
  • आणविकता
  • शून्य कोटि अभिक्रिया
  • प्रथम कोटि अभिक्रिया
  • अर्ध-आयु
  • आर्रेनियस समीकरण
  • टक्कर सिद्धांत

अध्याय 4: डी और एफ-ब्लॉक तत्व

अध्याय 4 डी और एफ-ब्लॉक तत्व में संक्रमण तत्वों और आंतरिक संक्रमण तत्वों का अध्ययन किया जाता है। यह अध्याय मुख्य रूप से सिद्धांत-आधारित है, लेकिन इसमें इलेक्ट्रॉनिक विन्यास, ऑक्सीकरण अवस्थाएं, रंग, चुंबकीय गुण, उत्प्रेरक व्यवहार और आवर्ती प्रवृत्तियों पर कारण-आधारित प्रश्न भी आते हैं।

इस अध्याय में छात्रों को यह समझना चाहिए कि डी-ब्लॉक तत्व आवर्त सारणी के समूह 3 से 12 में पाए जाते हैं और एफ-ब्लॉक तत्वों को अलग पंक्ति में रखा जाता है। जस्ता, कैडमियम और पारा जैसे तत्वों के अपवाद भी ध्यान में रखने चाहिए, क्योंकि इनके डी-कक्षक सामान्य ऑक्सीकरण अवस्थाओं में पूर्ण भरे रहते हैं। पाठ्यपुस्तक में डी-ब्लॉक और एफ-ब्लॉक तत्वों की स्थिति, इलेक्ट्रॉनिक विन्यास और प्रमुख गुणों को व्यवस्थित रूप से समझाया गया है।

छात्र इन बिंदुओं पर ध्यान दें:

  • डी-ब्लॉक तत्व
  • एफ-ब्लॉक तत्व
  • संक्रमण तत्व
  • आंतरिक संक्रमण तत्व
  • इलेक्ट्रॉनिक विन्यास
  • ऑक्सीकरण अवस्थाएं
  • चुंबकीय गुण
  • रंगीन आयन
  • पोटैशियम डाइक्रोमेट
  • पोटैशियम परमैंगनेट
  • लैंथेनॉयड
  • ऐक्टिनॉयड

अध्याय 5: समन्वय यौगिक

अध्याय 5 समन्वय यौगिक में वर्नर का सिद्धांत, समन्वय इकाई, केंद्रीय परमाणु या आयन, लिगेंड, समन्वय संख्या, ऑक्सीकरण संख्या, नामकरण, समावयवता, संयोजकता बंध सिद्धांत और क्रिस्टल क्षेत्र सिद्धांत पढ़ाया जाता है। यह अध्याय नामकरण और सूत्र लेखन के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।

छात्रों को वर्ग कोष्ठक, आवेश, ऑक्सीकरण अवस्था, लिगेंड के नाम और ज्यामिति पर विशेष ध्यान देना चाहिए। पाठ्यपुस्तक के अनुसार समन्वय यौगिकों में धातु परमाणु या आयन, ऋणायनों या उदासीन अणुओं से इलेक्ट्रॉन साझेदारी द्वारा जुड़े होते हैं। इसमें क्लोरोफिल, हीमोग्लोबिन और विटामिन बी₁₂ जैसे उदाहरण भी दिए गए हैं।

छात्र इन बिंदुओं पर ध्यान दें:

  • वर्नर का सिद्धांत
  • समन्वय इकाई
  • केंद्रीय परमाणु या आयन
  • लिगेंड
  • समन्वय संख्या
  • समन्वय गोला
  • ऑक्सीकरण संख्या
  • समन्वय यौगिकों का नामकरण
  • समावयवता
  • संयोजकता बंध सिद्धांत
  • क्रिस्टल क्षेत्र सिद्धांत
  • समन्वय यौगिकों के उपयोग

अध्याय 6: हैलोऐल्केन और हैलोएरीन

अध्याय 6 हैलोऐल्केन और हैलोएरीन में हैलोजन-युक्त कार्बनिक यौगिक पढ़ाए जाते हैं। इस अध्याय में वर्गीकरण, नामकरण, बनाने की विधियां, भौतिक गुण और रासायनिक अभिक्रियाएं महत्वपूर्ण हैं। छात्रों को नाभिकरागी प्रतिस्थापन, विलोपन अभिक्रिया और त्रिविम रसायन से जुड़े प्रश्नों का अभ्यास करना चाहिए।

पाठ्यपुस्तक में बताया गया है कि हैलोऐल्केन में हैलोजन परमाणु एसपी³ संकरित कार्बन से जुड़ा होता है, जबकि हैलोएरीन में हैलोजन परमाणु एसपी² संकरित ऐरोमैटिक कार्बन से जुड़ा होता है। यह अंतर उनकी अभिक्रियाओं को समझने में मदद करता है।

छात्र इन बिंदुओं पर ध्यान दें:

  • हैलोऐल्केन
  • हैलोएरीन
  • नामकरण
  • बनाने की विधियां
  • भौतिक गुण
  • नाभिकरागी प्रतिस्थापन
  • प्रथम प्रकार नाभिकरागी प्रतिस्थापन
  • द्वितीय प्रकार नाभिकरागी प्रतिस्थापन
  • विलोपन अभिक्रियाएं
  • त्रिविम रसायन
  • बहुहैलोजन यौगिक

अध्याय 7: ऐल्कोहॉल, फिनॉल और ईथर

अध्याय 7 ऐल्कोहॉल, फिनॉल और ईथर में हाइड्रॉक्सिल समूह और ईथर संबंध वाले कार्बनिक यौगिक पढ़ाए जाते हैं। इस अध्याय में छात्रों को वर्गीकरण, नामकरण, बनाने की विधियां, भौतिक गुण और रासायनिक अभिक्रियाओं का अभ्यास करना चाहिए। फिनॉल की अम्लीयता और ईथर की अभिक्रियाएं भी परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं।

पाठ्यपुस्तक में ऐल्कोहॉल और फिनॉल को हाइड्रॉक्सिल समूह वाले यौगिकों के रूप में समझाया गया है। ऐल्कोहॉल में हाइड्रॉक्सिल समूह ऐलिफैटिक कार्बन से जुड़ा होता है, जबकि फिनॉल में हाइड्रॉक्सिल समूह ऐरोमैटिक वलय से जुड़ा होता है। ईथर में ऐल्कॉक्सी या एरिलॉक्सी समूह पाया जाता है।

छात्र इन बिंदुओं पर ध्यान दें:

  • ऐल्कोहॉल
  • फिनॉल
  • ईथर
  • नामकरण
  • ऐल्कोहॉल बनाने की विधियां
  • फिनॉल बनाने की विधियां
  • ईथर बनाने की विधियां
  • फिनॉल की अम्लीयता
  • ऐल्कोहॉल की अभिक्रियाएं
  • फिनॉल की अभिक्रियाएं
  • ईथर की अभिक्रियाएं

अध्याय 8: ऐल्डिहाइड, कीटोन और कार्बोक्सिलिक अम्ल

अध्याय 8 ऐल्डिहाइड, कीटोन और कार्बोक्सिलिक अम्ल अभिक्रियाओं से भरपूर अध्याय है। छात्रों को कार्बोनिल समूह और कार्बॉक्सिल समूह से जुड़ी अभिक्रियाओं, बनाने की विधियों, ऑक्सीकरण, अपचयन, नाभिकरागी योग और रूपांतरणों पर अधिक ध्यान देना चाहिए।

पाठ्यपुस्तक में ऐल्डिहाइड और कीटोन को कार्बोनिल समूह वाले यौगिकों के रूप में समझाया गया है। ऐल्डिहाइड में कार्बोनिल कार्बन एक हाइड्रोजन से जुड़ा होता है, जबकि कीटोन में कार्बोनिल कार्बन दो कार्बन परमाणुओं से जुड़ा होता है। कार्बोक्सिलिक अम्लों में कार्बॉक्सिल समूह पाया जाता है।

छात्र इन बिंदुओं पर ध्यान दें:

  • ऐल्डिहाइड
  • कीटोन
  • कार्बोक्सिलिक अम्ल
  • कार्बोनिल समूह
  • कार्बॉक्सिल समूह
  • नामकरण
  • बनाने की विधियां
  • नाभिकरागी योग अभिक्रियाएं
  • ऑक्सीकरण
  • अपचयन
  • कार्बोक्सिलिक अम्लों की अम्लीयता
  • कार्बनिक रूपांतरण

अध्याय 9: ऐमीन

अध्याय 9 ऐमीन में अमोनिया से बने कार्बनिक व्युत्पन्न पढ़ाए जाते हैं। ऐमीन में अमोनिया के एक, दो या तीन हाइड्रोजन परमाणुओं को ऐल्किल या एरिल समूहों से बदला जाता है। इस अध्याय में छात्रों को वर्गीकरण, नामकरण, बनाने की विधियां, क्षारकता, रासायनिक अभिक्रियाएं और डायजोनियम लवणों पर ध्यान देना चाहिए।

पाठ्यपुस्तक में ऐमीन को प्रोटीन, विटामिन, ऐल्कलॉइड और हार्मोन में पाए जाने वाले महत्वपूर्ण कार्बनिक यौगिक बताया गया है। डायजोनियम लवण ऐरोमैटिक यौगिकों और रंगों के निर्माण में उपयोगी मध्यवर्ती पदार्थों के रूप में पढ़ाए जाते हैं।

छात्र इन बिंदुओं पर ध्यान दें:

  • ऐमीन
  • प्राथमिक ऐमीन
  • द्वितीयक ऐमीन
  • तृतीयक ऐमीन
  • नामकरण
  • ऐमीन बनाने की विधियां
  • ऐमीन की क्षारकता
  • ऐमीन की रासायनिक अभिक्रियाएं
  • डायजोनियम लवण
  • ऐजो रंग
  • पहचान-परीक्षण

अध्याय 10: जैव-अणु

अध्याय 10 जैव-अणु रसायन विज्ञान को जीवित तंत्रों से जोड़ता है। इसमें कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, एंजाइम, विटामिन, न्यूक्लिक अम्ल, डीएनए, आरएनए और हार्मोन पढ़ाए जाते हैं। यह अध्याय मुख्य रूप से सिद्धांत-आधारित है, इसलिए छात्रों को परिभाषाएं, वर्गीकरण, संरचनाएं और कार्य अच्छे से दोहराने चाहिए।

पाठ्यपुस्तक में बताया गया है कि जीवित तंत्र कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, न्यूक्लिक अम्ल, लिपिड, विटामिन और खनिज लवण जैसे जैव-अणुओं से बने होते हैं। अध्याय में जैव-अणुओं की संरचना और कार्य दोनों पर जोर दिया गया है।

छात्र इन बिंदुओं पर ध्यान दें:

  • जैव-अणु
  • कार्बोहाइड्रेट
  • मोनोसैकेराइड
  • ओलिगोसैकेराइड
  • पॉलीसैकेराइड
  • अपचायक शर्करा
  • अनअपचायक शर्करा
  • प्रोटीन
  • एंजाइम
  • विटामिन
  • न्यूक्लिक अम्ल
  • डीएनए
  • आरएनए

कक्षा 12 रसायन विज्ञान सभी अध्यायों के एनसीईआरटी हल हिन्दी में

कक्षा 12 रसायन विज्ञान सभी अध्यायों के एनसीईआरटी हल हिन्दी में छात्रों को पूरे पाठ्यक्रम को अध्यायवार दोहराने में मदद करते हैं। हर अध्याय का प्रश्न-प्रकार अलग होता है, इसलिए तैयारी भी अध्याय की प्रकृति के अनुसार करनी चाहिए।

भौतिक रसायन के अध्यायों में सूत्रों, संख्यात्मक चरणों, मात्रकों, आलेखों और अंतिम उत्तरों पर अधिक ध्यान देना चाहिए।

अकार्बनिक रसायन के अध्यायों में परिभाषाएं, प्रवृत्तियां, अपवाद, उदाहरण, संरचनाएं और कारण-आधारित उत्तर महत्वपूर्ण होते हैं।

कार्बनिक रसायन के अध्यायों में क्रियात्मक समूह, अभिकर्मक, अभिक्रिया की स्थितियां, उत्पाद निर्माण, रूपांतरण, नामकरण और क्रियाविधि का अभ्यास जरूरी है।

कक्षा 12 रसायन विज्ञान भाग 1 हल हिन्दी में

कक्षा 12 रसायन विज्ञान भाग 1 हल हिन्दी में ये अध्याय शामिल हैं:

  • विलयन
  • विद्युत रसायन
  • रासायनिक बलगतिकी
  • डी और एफ-ब्लॉक तत्व
  • समन्वय यौगिक

भाग 1 में संख्यात्मक प्रश्न, विद्युत-रासायनिक गणनाएं, चालकता से जुड़े प्रश्न, दर नियम, आवर्ती प्रवृत्तियां और समन्वय यौगिकों का नामकरण जैसे विषय आते हैं। छात्रों को सूत्रों और परिभाषाओं दोनों पर बराबर ध्यान देना चाहिए।

कक्षा 12 रसायन विज्ञान भाग 2 हल हिन्दी में

कक्षा 12 रसायन विज्ञान भाग 2 हल हिन्दी में ये अध्याय शामिल हैं:

  • हैलोऐल्केन और हैलोएरीन
  • ऐल्कोहॉल, फिनॉल और ईथर
  • ऐल्डिहाइड, कीटोन और कार्बोक्सिलिक अम्ल
  • ऐमीन
  • जैव-अणु

भाग 2 मुख्य रूप से कार्बनिक रसायन और जैव-अणुओं पर आधारित है। इसमें अभिक्रियाएं, बनाने की विधियां, रूपांतरण, पहचान-परीक्षण, क्रियात्मक समूह और जैव-अणुओं का वर्गीकरण अधिक पूछा जाता है।

त्वरित दोहराव तालिका

क्षेत्र अध्याय दोहराव का मुख्य आधार
भौतिक रसायन अध्याय 1, 2, 3 सूत्र, संख्यात्मक प्रश्न, आलेख, मात्रक
अकार्बनिक रसायन अध्याय 4, 5 प्रवृत्तियां, परिभाषाएं, संरचनाएं, नामकरण
कार्बनिक रसायन अध्याय 6, 7, 8, 9 अभिक्रियाएं, क्रियाविधि, रूपांतरण, पहचान-परीक्षण
जैव-रसायन अध्याय 10 वर्गीकरण, संरचनाएं, कार्य

FAQs (Frequently Asked Questions)

NCERT Solutions Class 12 Chemistry In Hindi में कक्षा 12 रसायन विज्ञान के सभी 10 अध्यायों के हल, सूत्र, अभिक्रियाएं, परिभाषाएं, रूपांतरण और दोहराव के बिंदु शामिल हैं।

कक्षा 12 रसायन विज्ञान में कुल 10 अध्याय हैं: विलयन, विद्युत रसायन, रासायनिक बलगतिकी, डी और एफ-ब्लॉक तत्व, समन्वय यौगिक, हैलोऐल्केन और हैलोएरीन, ऐल्कोहॉल फिनॉल और ईथर, ऐल्डिहाइड कीटोन और कार्बोक्सिलिक अम्ल, ऐमीन और जैव-अणु।

कक्षा 12 रसायन विज्ञान भाग 1 हल हिन्दी में विलयन, विद्युत रसायन, रासायनिक बलगतिकी, डी और एफ-ब्लॉक तत्व तथा समन्वय यौगिक शामिल हैं।

कक्षा 12 रसायन विज्ञान भाग 2 हल हिन्दी में हैलोऐल्केन और हैलोएरीन, ऐल्कोहॉल फिनॉल और ईथर, ऐल्डिहाइड कीटोन और कार्बोक्सिलिक अम्ल, ऐमीन और जैव-अणु शामिल हैं।

हाँ। कक्षा 12 रसायन विज्ञान एनसीईआरटी अभ्यास हल हिन्दी में परीक्षा की तैयारी के लिए उपयोगी हैं, क्योंकि इनसे पाठ्यपुस्तक के प्रश्नों, संख्यात्मक चरणों, अभिक्रियाओं, सूत्रों और कारण-आधारित उत्तरों का अभ्यास होता है।