NCERT Solutions for Class 9 Hindi Ganga Chapter 5

“आखिरी चट्टान तक” मोहन राकेश का यात्रा-वृत्तांत है, जिसमें कन्याकुमारी के समुद्री तट, सूर्यास्त, सूर्योदय, विवेकानंद चट्टान और लेखक की आत्मानुभूति का सजीव चित्रण है।

NCERT Solutions for Class 9 Hindi Ganga Chapter 5 में textbook MCQs, विचार-आधारित उत्तर, यात्रा-वृत्तांत की विशेषताएँ, पर्यटन, हस्तशिल्प, क्रिया-विशेषण और writing tasks हल किए गए हैं।

NCERT Solutions for Class 9 Hindi Ganga Chapter 5 help students understand मोहन राकेश का यात्रा-वृत्तांत “आखिरी चट्टान तक” through clear textbook-based answers. The chapter describes the writer’s visit to कन्याकुमारी, where the Arabian Sea, Indian Ocean and Bay of Bengal meet. Through vivid descriptions of rocks, waves, sand hills, sunrise, sunset and Vivekananda Rock, the text connects nature with inner experience. It also highlights local life, unemployment, tourism and travel challenges. These solutions cover MCQs, विचार-आधारित प्रश्न, यात्रा-वृत्तांत, map-based tasks, क्रिया-विशेषण, भाषा संगम and writing tasks in a simple school-answer format.

Key Takeaways

  • लेखक: “आखिरी चट्टान तक” मोहन राकेश का यात्रा-वृत्तांत है।
  • मुख्य स्थान: कन्याकुमारी, समुद्री तट, सैंड हिल और विवेकानंद चट्टान।
  • मुख्य भाव: पाठ में प्रकृति की भव्यता, रोमांच, भय, आत्मानुभूति और यात्रा का अनुभव दिखाई देता है।
  • भाषा-कौशल: पाठ में MCQ, यात्रा-वृत्तांत, क्रिया-विशेषण, शब्दार्थ, भाषा संगम और रचनात्मक लेखन शामिल हैं।

NCERT Solutions for Class 9 Hindi Ganga Chapter 5 Structure 2026

Section Text / Skill Area Main Question Type
अभ्यास मेरे उत्तर मेरे तर्क, मेरी समझ मेरे विचार MCQ, तर्क सहित उत्तर
पाठ-बोध यात्रा का वृत्तांत, यात्रा और खोज, मेरे देश की धरती विश्लेषण, यात्रा-विवरण, map work
अनुभव और गतिविधियाँ हस्तशिल्प कौशल, मिलकर चलें, प्रकृति की ओर अनुभव, चर्चा, रचनात्मक उत्तर
भाषा क्रिया-विशेषण, आओ नए वाक्य बनाएँ, भाषा संगम Grammar और vocabulary

NCERT Solutions for Class 9 Hindi Ganga Chapter 5: आखिरी चट्टान तक

Aakhiri Chattan Tak NCERT Solutions में उत्तर पुस्तक के अभ्यास क्रम में दिए गए हैं। यह section विद्यार्थियों को Class 9 Hindi Ganga Chapter 5 Question Answer को textbook-based school-answer format में समझने में मदद करता है।

मेरे उत्तर मेरे तर्क

इस section में Class 9 Hindi Ganga Chapter 5 MCQ और आखिरी चट्टान तक MCQ के उत्तर तर्क सहित दिए गए हैं।

1. लेखक ने सूर्यास्त का मनोहारी दृश्य कहाँ से देखा?

उत्तर: सही विकल्प है (ख) अरब सागर की ओर के ऊँचे टीले से

तर्क: लेखक पहले सैंड हिल पर पहुँचता है, लेकिन वहाँ से पूरा विस्तार दिखाई नहीं देता। इसलिए वह आगे बढ़कर अरब सागर की ओर के ऊँचे टीले तक जाता है। वहीं बैठकर वह सूर्यास्त का मनोहारी दृश्य देखता है।

2. “मैं कुछ देर भूल रहा कि मैं मैं ही हूँ।” यह कथन लेखक की किस मनःस्थिति को दर्शाता है?

उत्तर: सही विकल्प है (ख) विस्मित हो जाना

तर्क: समुद्र, चट्टानों और क्षितिज के विशाल दृश्य को देखकर लेखक अपने अस्तित्व को भूल-सा जाता है। वह दृश्य का हिस्सा बन जाता है। यह प्रकृति की भव्यता से उत्पन्न विस्मय की स्थिति है।

3. “मैंने, सिर्फ मैंने उस चोटी को पहली बार सर किया हो।” इस कथन में कौन-सा भाव व्यक्त होता है?

उत्तर: सही विकल्प है (घ) संतुष्टि

तर्क: लेखक कई टीले पार करके उस जगह पहुँचता है जहाँ से सूर्यास्त का खुला दृश्य दिखाई देता है। अपने प्रयास की सफलता से उसे गहरी संतुष्टि होती है। इसलिए वह अपने अनुभव को किसी चोटी पर पहुँचने जैसा मानता है।

4. “शक्ति का विस्तार, विस्तार की शक्ति” वाक्य में वर्णन है—

उत्तर: सही विकल्प है (ख) सागर की व्यापकता का

तर्क: लेखक समुद्र के अथाह फैलाव, ऊँची लहरों और तीनों दिशाओं में पानी के विस्तार को देखता है। उसे इस विस्तार में शक्ति और शक्ति में विस्तार का अनुभव होता है।

5. लेखक की कन्याकुमारी की यात्रा का वर्णन पढ़कर कहा जा सकता है कि—

उत्तर: सही विकल्प है (ख) यह यात्रा को जीवंत अनुभूतियों से जोड़ता है।

तर्क: पाठ केवल स्थान का वर्णन नहीं करता। इसमें लेखक का विस्मय, रोमांच, भय, आत्मबोध, प्रकृति से संवाद और स्थानीय जीवन का अनुभव भी शामिल है। इसलिए यह यात्रा-वृत्तांत जीवंत अनुभूतियों से जुड़ा हुआ है।

मेरी समझ मेरे विचार

यह section Class 9 Hindi Ganga Chapter 5 Question Answer का मुख्य भाग है। इसमें यात्रा-वृत्तांत के दृश्यों, भावों और लेखक के अनुभवों पर आधारित उत्तर दिए गए हैं।

1. यात्रियों का समूह सूर्यास्त का दृश्य देखने के लिए सैंड हिल की ओर बढ़ता जा रहा था, लेकिन लेखक सैंड हिल पर पहुँचकर कुछ देर रुकने के बाद दूसरे टीले की ओर बढ़ने लगा। उसके ऐसा करने के पीछे मूल कारण क्या था?

उत्तर: लेखक सैंड हिल पर पहुँचकर कुछ देर रुका, लेकिन वहाँ से सूर्यास्त का पूरा विस्तार दिखाई नहीं दे रहा था।

अरब सागर की ओर एक और ऊँचा टीला था, जो दृश्य को ओट में लिए हुए था। लेखक चाहता था कि वह सूर्यास्त को खुले क्षितिज और पूरे समुद्री विस्तार की पृष्ठभूमि में देखे। इसलिए वह सैंड हिल से आगे दूसरे टीले की ओर बढ़ गया।

2. लेखक ने कन्याकुमारी के स्थानीय लोगों के विषय में क्या-क्या बताया?

उत्तर: लेखक ने कन्याकुमारी के स्थानीय लोगों के विषय में कई बातें बताई हैं।

विवेकानंद चट्टान पर उसे तीन स्थानीय नवयुवक मिले, जिनमें से एक ग्रेजुएट था और फोटो-एल्बम बेचता था। उसने बताया कि कन्याकुमारी में कई शिक्षित युवक बेरोजगार हैं। उनका मुख्य काम नौकरी के लिए अर्ज़ियाँ देना और आपस में बहस करना है। स्थानीय युवतियाँ यात्रियों को शंख और मालाएँ बेचती थीं। मल्लाह नाव से यात्रियों को चट्टान तक ले जाते थे।

3. “अपने प्रयत्न की सार्थकता से संतुष्ट होकर मैं टीले पर बैठ गया” इस पंक्ति में ‘प्रयत्न की सार्थकता’ से क्या अभिप्राय है?

उत्तर: ‘प्रयत्न की सार्थकता’ से अभिप्राय लेखक के उस प्रयास की सफलता से है जो उसने सूर्यास्त का खुला और सुंदर दृश्य देखने के लिए किया था।

लेखक एक के बाद एक कई टीले पार करता है। उसकी टाँगें थक जाती हैं, लेकिन मन हार नहीं मानता। अंत में जब उसे पश्चिमी क्षितिज और समुद्र का खुला विस्तार दिखाई देता है, तो उसे लगता है कि उसका परिश्रम सफल हो गया। यही प्रयत्न की सार्थकता है।

4. यात्रा-वृत्तांत में आए उन दृश्यों के विषय में लिखिए जिनका अनुभव लेखक के लिए बिल्कुल नया था।

उत्तर: लेखक के लिए कई दृश्य बिल्कुल नए और अद्भुत थे।

भारत के स्थल-भाग की आखिरी चट्टान, तीन समुद्रों का संगम, काली चट्टानों से टकराती ऊँची लहरें, सूर्यास्त के समय पानी पर सोने जैसा रंग, बाद में उसका लाल और बैंगनी हो जाना— ये सभी दृश्य उसके लिए नए थे। तट की रेत में अनेक अनाम रंग देखना भी लेखक के लिए नया अनुभव था। विवेकानंद चट्टान तक मछुआ नाव से जाना और समुद्र के बीच सूर्योदय देखना भी विशेष अनुभव था।

5. यात्रा-वृत्तांत से ऐसे दो अंश चुनकर लिखिए जिससे लेखक की मानसिक दृढ़ता और हार न मानने की प्रवृत्ति का पता चलता है।

उत्तर: लेखक की मानसिक दृढ़ता और हार न मानने की प्रवृत्ति इन प्रसंगों से पता चलती है—

पहला, वह सैंड हिल से आगे बढ़कर एक के बाद एक कई टीले पार करता है। टाँगें थक रही थीं, लेकिन उसका मन थकने को तैयार नहीं था। इससे उसकी जिज्ञासा और दृढ़ता दिखाई देती है।

दूसरा, अँधेरा होने और समुद्र का पानी बढ़ने पर लेखक घबराता है, फिर भी वह रास्ता खोजता है। चट्टान से टकराने के बाद भी वह आगे बढ़ता है और सुरक्षित स्थान तक पहुँच जाता है।

यात्रा का वृत्तांत

यह section मोहन राकेश यात्रा-वृत्तांत और यात्रा का वृत्तांत की रचना-प्रक्रिया समझने में मदद करता है।

1. अपनी किसी यात्रा को यात्रा-वृत्तांत के प्रमुख तत्वों के आधार पर समझाइए।

उत्तर: मेरी पहाड़ की यात्रा एक यादगार अनुभव थी।

तत्व यात्रा से जुड़ा अनुभव
दृश्य-वर्णन ऊँचे पहाड़, देवदार के पेड़, बादलों से ढकी घाटियाँ और ठंडी हवा दिखाई दी।
आत्मानुभूति प्रकृति के बीच मन शांत हुआ और शहर की भागदौड़ से दूरी मिली।
सांस्कृतिक परिप्रेक्ष्य स्थानीय लोगों की बोली, पहनावा और भोजन अलग था।
जीवन-दर्शन पहाड़ों ने धैर्य और स्थिरता का भाव सिखाया।
शैलीगत विशेषताएँ यात्रा का वर्णन रंगों, ध्वनियों और भावों से किया जा सकता है।
रोमांच और संघर्ष चढ़ाई कठिन थी, पर ऊपर पहुँचकर दृश्य देखकर सारी थकान दूर हो गई।

यात्रा और खोज

यह section आखिरी चट्टान तक exercise answers में अन्य यात्रा-वृत्तांतों और लेखकों की जानकारी देता है।

1. कुछ महत्त्वपूर्ण यात्रा-वृत्तांत और उनके रचनाकारों के विषय में जानकारी लिखिए।

यात्रा-वृत्तांत स्थान / विषय रचनाकार
किन्नर देश में हिमाचल प्रदेश का किन्नौर राहुल सांकृत्यायन
आखिरी चट्टान तक कन्याकुमारी मोहन राकेश
प्रयाग : 1976 कुंभ मेला, प्रयाग निर्मल वर्मा
मेरी तिब्बत यात्रा तिब्बत राहुल सांकृत्यायन
अरे यायावर रहेगा याद विविध यात्राएँ अज्ञेय

मेरे देश की धरती

यह section कन्याकुमारी यात्रा-वृत्तांत को भारत के भूगोल, पर्यटन और जन-जीवन से जोड़ता है।

1. भारत के समुद्री तट पर स्थित राज्यों के नाम लिखिए।

उत्तर: भारत के समुद्री तट पर स्थित प्रमुख राज्य हैं—

गुजरात, महाराष्ट्र, गोवा, कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, ओडिशा और पश्चिम बंगाल। इनके अलावा केंद्रशासित प्रदेशों में दमन और दीव, लक्षद्वीप, पुडुचेरी और अंडमान-निकोबार द्वीपसमूह भी समुद्री क्षेत्र से जुड़े हैं।

2. अपनी पसंद की पर्यटन-स्थलों की सूची बनाइए।

पर्यटन स्थल राज्य क्षेत्र जलवायु घूमने का अनुकूल समय
कन्याकुमारी तमिलनाडु समुद्री गर्म और आर्द्र अक्टूबर से मार्च
मनाली हिमाचल प्रदेश पर्वतीय ठंडी मार्च से जून
जयपुर राजस्थान मैदानी / ऐतिहासिक गर्म और शुष्क अक्टूबर से फरवरी
पुरी ओडिशा समुद्री आर्द्र नवंबर से फरवरी
दार्जिलिंग पश्चिम बंगाल पर्वतीय ठंडी मार्च से मई

3. कन्याकुमारी की भौगोलिक स्थिति, परिवेश, पर्यटन-स्थल और जन-जीवन का वर्णन कीजिए।

उत्तर: कन्याकुमारी तमिलनाडु राज्य में भारत के दक्षिणी छोर पर स्थित एक प्रसिद्ध तटीय शहर है।

यहाँ अरब सागर, हिंद महासागर और बंगाल की खाड़ी का संगम माना जाता है। समुद्री तट, सूर्योदय, सूर्यास्त, विवेकानंद चट्टान, मंदिर और रंग-बिरंगी रेत इसके प्रमुख आकर्षण हैं। यहाँ मछुआरे, स्थानीय दुकानदार, शंख-माला बेचने वाले लोग और पर्यटन से जुड़े लोग दिखाई देते हैं। मेरे शहर से यह अलग है क्योंकि वहाँ समुद्र, तटीय जीवन और तीन समुद्री दिशाओं का अद्भुत विस्तार है।

4. वर्तमान समय में भारत का अंतिम छोर या दक्षिणतम बिंदु किसे माना जाता है?

उत्तर: भारत का दक्षिणतम बिंदु इंदिरा प्वाइंट माना जाता है, जो अंडमान-निकोबार द्वीपसमूह के ग्रेट निकोबार द्वीप में स्थित है।

मुख्य भूमि भारत का दक्षिणी छोर कन्याकुमारी है, लेकिन पूरे भारत का दक्षिणतम बिंदु इंदिरा प्वाइंट है। इसलिए “आखिरी चट्टान” का संदर्भ मुख्य भूमि के अंतिम छोर और लेखक के यात्रा-अनुभव से जुड़ा है।

5. विवेकानंद स्मारक चट्टान के स्वरूप में किस प्रकार का विस्तार हुआ है?

उत्तर: विवेकानंद चट्टान पर आज विवेकानंद रॉक मेमोरियल बना हुआ है।

यह स्मारक स्वामी विवेकानंद की स्मृति में बनाया गया है, जहाँ माना जाता है कि उन्होंने ध्यान किया था। इसके पास तिरुवल्लुवर की विशाल प्रतिमा भी स्थित है। आज यह स्थान कन्याकुमारी का प्रमुख पर्यटन और प्रेरणा-स्थल है।

हस्तशिल्प कौशल

यह section स्थानीय कुटीर उद्योग, शंख-माला और हस्तकला को समझाता है।

1. किसी स्थानीय शिल्पकार से बातचीत के आधार पर जानकारी लिखिए।

बिंदु जानकारी
शिल्प का नाम शंख-माला / मिट्टी के दीपक / बाँस की वस्तुएँ
कार्य कब से कर रहे हैं लगभग 10 वर्षों से
प्रशिक्षण परिवार से या स्थानीय कारीगरों से
महिलाओं की साझेदारी सफाई, सजावट, पैकिंग और बिक्री में सहयोग
सामग्री शंख, धागा, रंग, मोती या स्थानीय सामग्री
तकनीक हाथ से छेद करना, पिरोना, सजाना
लागत और विपणन स्थानीय बाजार, मेलों और ऑनलाइन माध्यम से बिक्री

2. डिजिटल खरीददारी और ई-वाणिज्य कुटीर उद्योग को बढ़ावा देने में किस प्रकार उपयोगी है?

उत्तर: डिजिटल खरीददारी और ई-वाणिज्य से कुटीर उद्योग को बड़ा बाजार मिलता है।

पहले कारीगर केवल स्थानीय बाजार में सामान बेचते थे। अब वे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से देश-विदेश के ग्राहकों तक पहुँच सकते हैं। इससे बिक्री बढ़ती है, कारीगरों को उचित मूल्य मिलता है और पारंपरिक कला को पहचान मिलती है।

3. हस्तशिल्प कला को बढ़ावा देने के लिए सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की जानकारी लिखिए।

उत्तर: सरकार हस्तशिल्प कला को बढ़ावा देने के लिए कई प्रयास करती है।

कारीगरों को प्रशिक्षण, ऋण, प्रदर्शनियों में स्थान, ऑनलाइन बिक्री की सुविधा और पहचान पत्र दिए जाते हैं। हस्तशिल्प मेलों और सरकारी एम्पोरियमों के माध्यम से उनकी वस्तुओं को बाजार मिलता है। इससे पारंपरिक कला और स्थानीय रोजगार दोनों को बढ़ावा मिलता है।

मिलकर चलें

यह section विशेष आवश्यकता वाले साथियों की यात्रा को सहज बनाने पर आधारित है।

1. विशेष आवश्यकता वाले साथियों को यात्रा पर जाने में किस प्रकार की चुनौतियाँ आ सकती हैं?

उत्तर: विशेष आवश्यकता वाले साथियों को यात्रा में कई चुनौतियाँ आ सकती हैं।

उन्हें सीढ़ियाँ चढ़ने, भीड़ में चलने, वाहन में बैठने, शौचालय उपयोग करने, संकेत पढ़ने या जानकारी समझने में कठिनाई हो सकती है। कुछ साथियों को व्हीलचेयर, सहायक व्यक्ति, शांत वातावरण या विशेष भोजन की आवश्यकता हो सकती है।

2. उनकी यात्रा को सहज बनाने के लिए कौन-से सुझाव उपयोगी होंगे?

उत्तर: उनकी यात्रा को सहज बनाने के लिए पहले से योजना बनानी चाहिए।

यात्रा-स्थल पर रैंप, लिफ्ट, सुलभ शौचालय, व्हीलचेयर और प्राथमिक चिकित्सा की व्यवस्था होनी चाहिए। समूह में एक सहायक साथी रखा जा सकता है। यात्रा का समय, भोजन, विश्राम और सुरक्षा पहले से तय होनी चाहिए। संकेत सरल भाषा और चित्रों में होने चाहिए।

3. विशेष शिक्षा शिक्षक और विशेष आवश्यकता वाले साथियों से चर्चा क्यों जरूरी है?

उत्तर: विशेष शिक्षा शिक्षक और विशेष आवश्यकता वाले साथियों से चर्चा इसलिए जरूरी है क्योंकि वे वास्तविक आवश्यकताओं को बेहतर समझते हैं।

कई बार हम जो उपाय सोचते हैं, वे व्यावहारिक रूप से पर्याप्त नहीं होते। उनके सुझाव से यात्रा अधिक सुरक्षित, सम्मानपूर्ण और सुविधाजनक बन सकती है।

प्रकृति की ओर

यह section Aakhiri Chattan Tak Class 9 में प्रकृति-अनुभव और वर्णन-कौशल को विकसित करता है।

1. सूर्योदय और सूर्यास्त के दृश्यों की तुलना करते हुए अपने अनुभव का वर्णन कीजिए।

उत्तर: सूर्योदय और सूर्यास्त दोनों ही सुंदर दृश्य होते हैं, लेकिन दोनों का प्रभाव अलग होता है।

सूर्योदय के समय आकाश में हल्की लालिमा फैलती है। वातावरण शांत, ताजा और आशा से भरा लगता है। पक्षियों की आवाजें सुनाई देती हैं और दिन की शुरुआत का उत्साह होता है।

सूर्यास्त के समय आकाश सुनहरा, लाल और बैंगनी हो जाता है। वातावरण में शांति और हल्की उदासी होती है। दिन के समाप्त होने का भाव मन में आता है। दोनों दृश्य प्रकृति की सुंदरता और समय के परिवर्तन को महसूस कराते हैं।

अनुभव की साझेदारी

यह section यात्रा-वृत्तांत लिखने का अभ्यास कराता है।

1. अपने घूमे हुए किसी प्रिय स्थान के अनुभवों पर एक यात्रा-संस्मरण लिखिए।

उत्तर: पिछले वर्ष मैं अपने परिवार के साथ ऋषिकेश गया था। गंगा किनारे बैठकर बहते पानी की आवाज सुनना बहुत शांत अनुभव था।

सुबह-सुबह हवा ठंडी थी और पहाड़ियों पर हल्का कोहरा था। लोग घाट पर पूजा कर रहे थे। शाम को गंगा आरती का दृश्य बहुत सुंदर था। दीपों की रोशनी पानी पर तैर रही थी और मंत्रों की ध्वनि वातावरण को पवित्र बना रही थी। इस यात्रा ने मुझे प्रकृति, आस्था और शांति का महत्व समझाया।

चर्चा-परिचर्चा

यह section यात्रा से जुड़े अनुभवों और चुनौतियों पर विचार कराता है।

1. ‘यात्राएँ हमें समृद्ध करती हैं’ विषय पर अपने विचार लिखिए।

उत्तर: यात्राएँ हमें नए स्थान, नए लोग, नई भाषा और नई संस्कृति से परिचित कराती हैं।

यात्रा से हमारा अनुभव बढ़ता है। हम प्रकृति, इतिहास, समाज और जीवन को नजदीक से देखते हैं। यात्रा हमें आत्मनिर्भर, साहसी और संवेदनशील बनाती है। इसलिए यात्राएँ केवल मनोरंजन नहीं, सीखने का माध्यम भी हैं।

2. यात्रा के दौरान अप्रत्याशित चुनौतियों का सामना करने के लिए व्यक्ति में कौन-से गुण होने चाहिए?

उत्तर: यात्रा के दौरान व्यक्ति में धैर्य, साहस, समझदारी और निर्णय लेने की क्षमता होनी चाहिए।

यदि रास्ता भटक जाए, मौसम बदल जाए या कोई दुर्घटना हो जाए, तो घबराना नहीं चाहिए। शांत रहकर सही मदद लेनी चाहिए। लेखक भी बढ़ते पानी और अँधेरे के बीच रास्ता खोजता है। यह उसकी सजगता और साहस दिखाता है।

3. किसी यात्रा की अप्रत्याशित चुनौती का अपना अनुभव लिखिए।

उत्तर: एक बार यात्रा के दौरान हमारी बस देर से पहुँची और रात हो गई। हमें नया रास्ता समझ में नहीं आ रहा था।

हमने घबराने के बजाय स्टेशन के सहायता-केंद्र से जानकारी ली। फिर परिवार को फोन किया और सुरक्षित वाहन से होटल पहुँचे। उस अनुभव से समझ आया कि यात्रा में सावधानी और धैर्य बहुत जरूरी हैं।

व्याकरण की बात: क्रिया-विशेषण

यह section Class 9 Hindi Chapter 5 grammar answers और क्रिया-विशेषण को समझाता है।

1. दिए गए वाक्यों में क्रिया-विशेषण पहचानिए।

वाक्य क्रिया-विशेषण जिस क्रिया की विशेषता बताई गई
बलखाती लहरें रास्ते की नुकीली चट्टानों से कटती हुई आती थीं। बलखाती / कटती हुई आती थीं
यात्रियों की कितनी ही टोलियाँ उस दिशा में जा रही थीं। उस दिशा में जा रही थीं
मैं देर तक भारत के स्थल-भाग की आखिरी चट्टान को देखता रहा। देर तक देखता रहा
मैं जल्दी-जल्दी चलने लगा। जल्दी-जल्दी चलने लगा
तट की चौड़ाई धीरे-धीरे कम होती जा रही थी। धीरे-धीरे कम होती जा रही थी

आओ नए वाक्य बनाएँ

यह section शब्दार्थ और वाक्य-प्रयोग का अभ्यास कराता है।

1. रेखांकित शब्दों का अर्थ बताते हुए नए वाक्य बनाइए।

शब्द अर्थ नया वाक्य
क्षितिज जहाँ धरती और आकाश मिलते दिखते हैं सूर्य क्षितिज के पीछे छिप गया।
झुरमुट पास-पास उगे पेड़ों का समूह पक्षी पेड़ों के झुरमुट में छिप गए।
ढलान नीचे की ओर झुकी भूमि पहाड़ी की ढलान पर चलना कठिन था।
श्रृंखला क्रम से जुड़ी हुई पंक्ति हिमालय पर्वतों की विशाल श्रृंखला है।
बीहड़ ऊबड़-खाबड़ और कठिन स्थान बीहड़ रास्ते पर चलना जोखिम भरा था।
वीरान सुनसान शाम होते ही मैदान वीरान लगने लगा।

2. अनजान भाषा वाले यात्री की सहायता आप कैसे करेंगे?

उत्तर: यदि मुझे किसी ऐसे यात्री की सहायता करनी हो जिसकी भाषा मैं नहीं समझता, तो मैं संकेतों, चित्रों और मोबाइल अनुवाद की सहायता लूँगा।

मैं नक्शे पर स्थान दिखाकर उसे दिशा समझाऊँगा। यदि जरूरत हो, तो किसी ऐसे व्यक्ति को बुलाऊँगा जो उसकी भाषा समझ सके। सहायता करते समय धैर्य और सम्मान से व्यवहार करूँगा।

3. अपने क्षेत्र के पर्यटन-स्थलों के लिए विवरणिका तैयार कीजिए।

उत्तर:

पधारो हमारे शहर

हमारे शहर में आपका स्वागत है। यहाँ प्राकृतिक सुंदरता, ऐतिहासिक स्थल और स्थानीय संस्कृति का सुंदर मेल है। प्रमुख आकर्षणों में प्राचीन मंदिर, नदी किनारा, स्थानीय बाजार और हस्तशिल्प केंद्र शामिल हैं।

यहाँ आने का सबसे अच्छा समय अक्टूबर से मार्च है। पर्यटक स्थानीय भोजन, लोकगीत, हस्तशिल्प और प्राकृतिक दृश्यों का आनंद ले सकते हैं। हमारा शहर शांति, संस्कृति और आत्मीयता का अनुभव कराता है।

भाषा संगम

यह section भारतीय भाषाओं में “नाव” शब्द को समझाता है।

1. ‘नाव’ शब्द के लिए अलग-अलग भारतीय भाषाओं में प्रयुक्त शब्द लिखिए।

भाषा शब्द
हिंदी नाव
संस्कृत नौ / नौका
पंजाबी बेड़ी
उर्दू किश्ती / नाव
मराठी होड़ी / नाव
गुजराती नाव / होडी
नेपाली नाउ / नौका
बांग्ला नाओ / नौका
असमिया नाओ
ओड़िआ नौका / नाआ
तेलुगु पडव / नाव
तमिल ओडम
मलयालम तोणि
कन्नड़ दोणि

2. “ऊँची-ऊँची लहरों से बचाते हुए मल्लाह नाव को ला रहे थे।” वाक्य को अपनी मातृभाषा में लिखिए।

उत्तर: विद्यार्थी अपनी मातृभाषा के अनुसार उत्तर लिख सकते हैं। उदाहरण के लिए अंग्रेजी में यह वाक्य होगा:

The boatmen were bringing the boat while saving it from the high waves.

अतिरिक्त पठन: प्रयाग 1976

यह section निर्मल वर्मा के कुंभ मेले पर आधारित यात्रा-वृत्तांत से जुड़ा है।

1. ‘प्रयाग : 1976’ के अंश से यात्रा-वृत्तांत की कौन-सी विशेषताएँ दिखाई देती हैं?

उत्तर: ‘प्रयाग : 1976’ के अंश में यात्रा-वृत्तांत की कई विशेषताएँ दिखाई देती हैं।

इसमें स्थान का वातावरण, सुबह का अँधेरा, चाँदनी, यात्रियों की आवाजें, संगम जाने की तैयारी और लेखक की निजी अनुभूति का वर्णन है। भाषा चित्रात्मक है और पाठक को ऐसा लगता है कि वह लेखक के साथ कुंभ मेले में उपस्थित है।

2. विवेकानंद के जीवन और युवाओं के लिए उनके महत्व पर संक्षेप में लिखिए।

उत्तर: स्वामी विवेकानंद भारत के महान आध्यात्मिक विचारक थे। उन्होंने युवाओं को आत्मविश्वास, कर्म, सेवा और राष्ट्र-निर्माण का संदेश दिया।

उनका जन्मदिन 12 जनवरी को राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनाया जाता है। विवेकानंद चट्टान युवाओं के लिए प्रेरणा-स्थल है क्योंकि यह ध्यान, संकल्प और आत्मबल का प्रतीक है।

शब्द-संपदा

यह section Aakhiri Chattan Tak summary और पाठ-समझ में आने वाले कठिन शब्दों के अर्थ समझाता है।

शब्द अर्थ
स्याह / सियाह काला
चट्टान शिला
समाधिस्थ ध्यान में स्थित
चेतना होश, जागरूकता
क्षितिज जहाँ धरती और आकाश मिलते दिखते हैं
सिहरन कंपन
पृष्ठभूमि पीछे का दृश्य
झुरमुट पेड़ों का समूह
बीहड़ कठिन, ऊबड़-खाबड़ स्थान
मद्धिम धीमा, हल्का
सीपी समुद्री जीव का कठोर खोल
दार्शनिक दर्शन का जानकार
ओट आड़
अर्घ्य पूजा में अर्पित वस्तु
बाइनाक्यूलर दूरबीन
सैंड हिल बालू का टीला
सुरमई हल्का नीला या धूसर रंग
सिर धुनना पछताना या शोक करना
बे-लाग साफ-साफ, दो टूक

Topics Covered in NCERT Solutions for Class 9 Hindi Ganga Chapter 5

Class 9 Hindi Ganga Chapter 5 में मोहन राकेश के यात्रा-वृत्तांत “आखिरी चट्टान तक” के सभी textbook exercise sections को cover किया गया है।

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Important Concepts in NCERT Solutions for Class 9 Hindi Ganga Chapter 5

इस chapter में concepts यात्रा-वृत्तांत, प्रकृति-वर्णन, आत्मानुभूति और भाषा-कौशल से जुड़े हैं।

Concept Explanation Exam Use
यात्रा-वृत्तांत यात्रा के अनुभवों, स्थानों और भावों का वर्णन पाठ-विधा
प्रकृति-वर्णन समुद्र, चट्टान, रेत, सूर्योदय और सूर्यास्त का चित्रण वर्णनात्मक उत्तर
आत्मानुभूति लेखक प्रकृति के बीच अपने अस्तित्व को महसूस करता है विचारात्मक उत्तर
रोमांच और भय बढ़ते पानी, अँधेरे और चट्टानों का अनुभव लघु उत्तर
स्थानीय जीवन नवयुवक, मल्लाह, शंख-माला बेचती युवतियाँ सामाजिक संदर्भ
क्रिया-विशेषण क्रिया की विशेषता बताने वाले शब्द Grammar
भाषा-सौंदर्य चित्रात्मक, प्रवाहपूर्ण और संवेदनात्मक भाषा साहित्यिक विश्लेषण

Chapter-Wise NCERT Solutions for Class 9 Hindi Ganga

Chapter No. Chapter-Wise NCERT Solutions
Chapter 1 Do Bailon Ki Katha
Chapter 2 Kya Likhoon
Chapter 3 Samvadheen
Chapter 4 Aisi Bhi Baatein Hoti Hain
Chapter 5 Aakhiri Chattan Tak
Chapter 6 Reedh Ki Haddi
Chapter 7 Main Aur Mera Desh
Chapter 8 Pad
Chapter 9 Ram Lakshman Parashuram Samvad
Chapter 10 Bharati Jay Vijay Kare
Chapter 11 Jhansi Ki Rani
Chapter 12 Ghar Ki Yaad

FAQs (Frequently Asked Questions)

NCERT Solutions for Class 9 Hindi Ganga Chapter 5 मोहन राकेश के यात्रा-वृत्तांत “आखिरी चट्टान तक” पर आधारित हैं। इसमें कन्याकुमारी की यात्रा, समुद्र, चट्टानों, सूर्यास्त और सूर्योदय का वर्णन है।

Aakhiri Chattan Tak Class 9 का मुख्य विषय यात्रा-अनुभव, प्रकृति की भव्यता, लेखक की आत्मानुभूति, रोमांच और कन्याकुमारी के स्थानीय जीवन का चित्रण है।

आखिरी चट्टान तक MCQ में सूर्यास्त का स्थान, लेखक की मनःस्थिति, सागर की व्यापकता, प्रयास की सार्थकता और यात्रा-वृत्तांत की जीवंत अनुभूतियाँ important हैं।

“शक्ति का विस्तार, विस्तार की शक्ति” का अर्थ है कि समुद्र का विशाल फैलाव स्वयं में शक्ति का अनुभव कराता है। लेखक समुद्र की व्यापकता और लहरों की ऊर्जा से प्रभावित होता है।

Class 9 Hindi Chapter 5 grammar answers में क्रिया-विशेषण, शब्दार्थ, वाक्य-प्रयोग, भाषा संगम, नाव शब्द के भारतीय भाषाई रूप और वर्णनात्मक लेखन जैसे topics आते हैं।